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Heart Disease (दिल को खतरा): शरीर के 5 संकेत जो आपको जानने चाहिए

Heart Disease (दिल को खतरा): शरीर के 5 संकेत जो आपको जानने चाहिए:- heart risk  पैरों में सूजन , थकान जैसे लक्षणों को हल्के में मत लीजिए

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Heart Disease  | दिल को खतरा : शरीर के 5 संकेत जो आपको जानने चाहिए

Heart Disease (दिल को खतरा): शरीर के 5 संकेत जो आपको जानने चाहिए

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पिछले 20 सालों में दुनिया में होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण हृदय संबंधी रोग हैं । जब हृदय की मांसपेशियां रक्त को पर्याप्त मात्रा में पम्प नहीं कर पाती हैं तब हृदय संबंधी विकार पैदा होते हैं । 

इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं । जैसे कि रक्त वाहिकाओं का सिकुड़ना , उच्च रक्तदाब , हृदय का धीरे - धीरे कमजोर हो जाना या फिर हृदय का कठोर हो जाना । इससे उसमें न तो पर्याप्त रक्त भर पाता है और न ही वह पम्प कर पाता है । 

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हार्ट फेलियर सोसायटी ऑफ अमेरिका ने हृदय विकार से जुड़े संकेतों को समझने के लिए एक सूत्र FACES ईजाद किया है । यहां F = Fatigue यानी थकान , A = Activity Limitaion यानी शारीरिक गतिविधि में कमी , C = Congestion यानी खून का जमाव , E = Edema or Ankle Swelling यानी पैर में सूजन और S = Shortness of breath का अर्थ सांस लेने में दिक्कत से है । 

हार्वर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार हेल्दी लाइफ स्टाइल को अपनाकर खतरा 50 % तक कम किया जा सकता है । समय रहते इन संकेतों को समझ लिया जाए तो हृदय विकार या हृदयघात से जुड़ी समस्याओं का खतरा काफी कम किया जा सकता है ।

Faces से मिलता है दिल की बीमारी का संकेत

1 Fatigue यानी थकान : रक्त में ऑक्सीजन की कमी 

हृदयरोग से पीड़ित कई महिला मरीजों में पूरे सप्ताह असामान्य थकावट अथवा अनिद्रा रह सकती है । अर्कासस यूनिवर्सिटी के शोध के शोध में पाया गया कि रक्त में ऑक्सीजन की कमी इसका एक कारण है । 

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2 Activity Limitaion यानी गतिविधि में कमीः ब्लॉकेज 

एक्सरसाइज करते समय या शरीरिक गतिविधि के समय ब्लॉकेज के कारण रक्त का प्रवाह सही नहीं रह पाता । इससे सीने में दर्द अथवा दिल पर अतिरिक्त दबाव महसूस होता है । इससे शारीरिक गतिविधि में कमी हो जाती है

3 Congestion यानी खून का जमाव : वाल्व की समस्या 

दिल में फड़फड़ाहट के साथ सिरदर्द या घबराहट महसूस हो रही हो तो यह वाल्व से संबंधित समस्या के संकेत हो सकते हैं । नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी का शोध बताता है कि यह ब्लड प्रेशर तेजी से नीचे गिरने के संकेत हैं । समय पर इसे पहचान कर रोग को बढ़ने से रोक सकते हैं । 

 4 Edema यानी पैर में सूजनः कमजोर ब्लड फ्लो

यह इस बात का संकेत हो सकता है कि हृदय ब्लड को ढंग से पंप नहीं कर पा रहा । जब दिल पर्याप्त तेजी से रक्त को पंप नहीं कर पाता तब रक्त वाहनियों में वापस लौट जाता है , जिससे सूजन आ जाती है ।

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5 Shortness of breath यानी सांस में कमी :

वाल्व में कमी यदि कुछ समय से छोटे - छोटे काम में भी सांस फूल रही हो । लेटते समय या फिर आराम करते समय भी सांस लेने में दिक्कत हो तो यह हृदय के वाल्व से जुड़ी समस्या हो सकती है । इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए ।

बचाव के वह तो तरीके जो आप अपना सकते हैं

एक्सरसाइज ब्लड सरकुलेशन बढ़ाती है कैलाश ट्रोल कम करती है

एरोबिक एक्सरसाइज

Heart Disease  | दिल को खतरा : शरीर के 5 संकेत जो आपको जानने चाहिए
रनिंग

जॉन हॉपकिन्स मेडिसिन में एक्सरसाइज फिजियोलॉ ब्रिस्क वॉकजिस्ट केरी जे स्टुअर्ट के अनुसार प्रतिदिन 30 मिनट , सप्ताह में पांच दिन एरोबिक एक्सरसाइज जैसे- , रनिंग , स्विमिंग , साइकिलिंग , रोप जम्पिंग आदि से हार्ट की पम्पिंग सुधरती है । इससे सर्कुलेशन बेहतर होता है । ब्लड प्रेशर कम होता है । हृदय मजबूत होता है ।

रजिस्टेंस ट्रेनिंग 

Heart Disease  | दिल को खतरा : शरीर के 5 संकेत जो आपको जानने चाहिए
पुशअप

अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्पोर्ट मेडिसिन के अनुसार सप्ताह में कम से कम लगातार दो दिन रजिस्टेंस ट्रेनिंग जैसे- वेट उठाना , रजिस्टेंस बैंड से अथवा बॉडी वेट एक्सरसाइज जैसे कि पुशअप , चिनअप आदि से बेलीफैट और बॉडी फैट कम होता है , जो हृदयरोग का बड़ा कारण है । इसके साथ ही कोलेस्ट्रॉल बेहतर होता है ।

(2) अच्छी डाइट : पत्तेदार सब्जियों से 16 % और साबुत अनाज से खतरा 22 % तक कम

अच्छी डाइट : पत्तेदार सब्जियों से 16 % और साबुत अनाज से खतरा 22 % तक कम
Heart Disease  | दिल को खतरा : शरीर के 5 संकेत जो आपको जानने चाहिए

 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के अनुसार पत्तेदार सब्जियों में प्रचुर मात्रा में विटामिन के और नाइट्रेट्स पाए जाते हैं । जो रक्तवाहिकाओं की रक्षा करने के साथ ब्लड प्रेशर को कम करते हैं । 

भोजन में पत्तेजदार सब्जियों की मात्रा बढ़ाने से दिल की बीमारी का खतरा 16 % तक कम होता है । वहीं साबुत अनाज में उच्च फाइबर पाया जाता है जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है । 

यदि प्रतिदिन लगभग 150 ग्राम साबुत अनाज भोजन में लिया जाए तो खतरा 22 % तक कम हो जाता है ।

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