Pregnancy: गर्भवती महिला इन बातों का विशेषकर रखें ध्यान बरते सावधानियाँ

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प्रेग्नेंसी यानी खुशियां पूरे परिवार में खास कर पति-पत्नी दोनों मे एक अलग ही एहसास और उमंग भर देता है, जिसे शायद ही कोई बयां कर पाए। इस खबर से पूरे घर -परिवार का माहौल ही बदल जाता है. प्रेग्नेंसी हर किसी महिला की जिंदगी को बदल देता है, और वह अपने आने वाले बच्चे के स्वास्थ पर पड़ने वाले हर बुरे प्रभाव, काम आदि को करने खास ध्यान देती है

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जिससे उसका शिशु स्वस्थ और सेहतमंद रहे दोस्तों अब बात करते है कि प्रेगनेंट लेडी को प्रेग्नेंसी के दौरान किन-किन बातों का विशेष कर ध्यान रखना चाहिए और कोन-कोन से सावधानियां भी बरतनी चाहिए । क्योकि आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपके आने वाले कल के लिए अच्छा साबित नहीं होगा. तो आइये जानते है pregnancy में गर्भवती महिलाओं को अपने खान पान के साथ -साथ, वस्त्रों का चयन, व्यायाम और नियमित रूप से चिकित्सक विशेषज्ञ से से परामर्श आदि-

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गर्भवती महिला इन बातों का विशेषकर रखें ध्यान बरते सावधानियाँ 

शादी के बाद लोग जल्दी मांबाप बनना चाहते हैं , विशेषकर  महिलाएं , चाहे वे शिक्षित हों या अशिक्षित हर महिला की पहली इच्छा यही होती है कि उस की गोद भरी हो ।वह जल्दी से मां बने। ऐसा न होने पर वह अपने को अभिशप्त समझने लगती है ।यही नहीं , समाज में भी वह हेय दृष्टि से देखी जाने लगती है 

एक महिला मां बन कर समाज पर काफी उपकार करती है तथा पूर्ण नारी होने का प्रमाण भी देती है। वह समाज निर्मात्री बन कर गौरवान्वित भी अनुभव करती है। इस उपकार से मानव कभी भी उऋणी नहीं हो पाता 

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तैयार रहें: गर्भधारण से पूर्व पतिपत्नी अपने को मनोवैज्ञानिक तरीके से तैयार करें । यह भी ध्यान रखें कि सब कुछ प्राकृतिक योगदान से ही संभव होता है । इसे बीमारी न समझ कर प्राकृतिक तोहफा समझें । गर्भावस्था एक वीडियो कैमरे जैसी है अर्थात जैसा विचारेंगे , जैसा ही देखेंगे, सुनेंगे , कहेंगे , वैसा ही प्रतिबिंब गर्भ में बनता चला जाएगा । 

ऐसे समय में अपनी दिनचर्या में कोई विशेष बदलाव नहीं लाना चाहिए । हां , मन में बारबार यही विचारें कि मुझे मां बनना है । मेरी गर्भावस्था व प्रसव सुखद हो

गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का ख्याल

चलते समय छोटेछोटे व जमा कर कदम रखें , विशेषकर पानी व कीचड़युक्त जगह पर । ऐसा टायलेट , बाथरूम में विशेष ध्यान रखें । अधिक वजन न उठाएं। कोई भी शारीरिक कार्य अपनी पहुंच से बाहर होने पर कदापि न करें

खानपान का विशेष ध्यान रखें ,सोचें कि मेरे पेट में अतिरिक्त भोजन ग्राहक भी पल रहा है , व्रत आदि से गुरेज करें

गर्भावस्था में शारीरिक बदलाव आना स्वाभाविक है । ऐसे में आरामदायक सूती वस्त्रों को प्राथमिकता दें ,साथ ही वस्त्र मौसम के अनुकूल भी होने चाहिए 

ऐसे में अत्यधिक औषधियों , उत्तेजक पदार्थो ( धूमपान , मदिरापान आदि ) का सेवन न करें , ऐसा करने से बच्चे के स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव पड़ेगा । औषधियों का प्रयोग स्वयं न कर विशेषज्ञ के परामर्श से करें 

नियमित हलका व्यायाम विशेषज्ञ द्वारा परामर्श पर करना चाहिए । ध्यान रहे , मांसपेशियों के सिकुड़ने व फैलने से ही प्रसव होता है, उन्हें सरल बनाने के लिए नसों में लचक होना जरूरी है । सुगम लचक के लिए व्यायाम आवश्यक है

अत्यधिक सुगंधित पदार्थों जैसे डियोडरेंट, साबुन, क्रीम, पाउडर आदि का उपयोग न करें । सामान्य साबुन आदि का ही उपयोग करें

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अत्यधिक तनावपूर्ण, शोरगुल, अत्यधिक प्रकाशयुक्त वातावरण से अपने को दूर रखें

सोने का कमरा टायलेट और बाथरूम से जुड़ा होना और साफसुथरा, हवादार, रोशनी वाला, नमीरहित होना चाहिए । उस में अत्यधिक लाइट का उपयोग न हो और न ही रेफ्रिजरेटर हो। धूल व धुएं वाला तथा दुर्गंधयुक्त भी न हो . कमरे में अनेक सुंदर हंसते हुए बच्चों के फोटोग्राफ जरूर लगाएं, साथ ही वीर तथा प्रेरणादायक पुरुषों के फोटोग्राफ भी लगा सकती हैं

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ज्यादा संभोग( sex) से बचें। संभोग करते समय पेट पर अधिक वजन नहीं पड़ना चाहिए 

टायलेट व बाथरूम साफसुथरा रखें । जिस स्थान का उपयोग पारिवारिक सदस्य कर रहें हों उस का आप न करें 

शरीर की सफाई विशेषकर योनिद्वार( vulva)  का खास ध्यान रखें 

बारबार खून की जांच , एक्सरे , अल्ट्रासाउंड आदि कराने से बचें ,यह बच्चे के भविष्य के लिए हितकर रहेगा 

अकसर आने वाले बच्चे के बारे में सकारात्मक वार्ता ही करें , नकारात्मक व हतोत्साहित बातें करने वालों से दूर रहें।

गर्भावस्था बीमारी नहीं , प्राकृतिक देन है । फिर भी विशेषज्ञ से समयसमय पर जांच जरूर कराते रहना चाहिए 

गर्भधारण से जीवन में एक परिवर्तन होता है। इस में आए विकारों जैसे शुरुआत के महीनों में जी मिचलाना , उलटी , खाने की अनिच्छा, गंध का अच्छा न लगना, आंख, कान, नाक, गले आदि के विकारों , सामान्य प्रसव , जल्दीजल्दी गर्भपात होना, गर्भधारण के समय रक्तस्राव होना और आपरेशन से बचने के लिए डाक्टर से परामर्श करें

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