Subscribe to my Youtube Channel Click Here Subscribe Also !

नाली के पानी से सड़क की सफाई कर रही यह मशीन

सीएमईआरआइ दुर्गापुर के वैज्ञानिकों ने 5 लाख की लागत से तैयार की रोड़ क्लीनिंग मशीन धूल कणों से होने वाले प्रदूषण पर लगेगा अंकुश । इस प्रयोग से अधिक मात
Santosh Kukreti

सीएमईआरआइ दुर्गापुर के वैज्ञानिकों ने 5 लाख की लागत से तैयार की रोड़ क्लीनिंग मशीन धूल कणों से होने वाले प्रदूषण पर लगेगा अंकुश । इस प्रयोग से अधिक मात्रा में दूषित नालियों का गन्दा पानी का इस्तेमाल सड़को की सफाई के लिए किया जायेगा। जिससे सड़क प्रदूषण पर रोक लगेगी।

सीएमईआरआइ दुर्गापुर के वैज्ञानिकों ने 5 लाख की लागत से तैयार की रोड़ क्लीनिंग मशीन धूल कणों से होने वाले प्रदूषण पर लगेगा अंकुश । इस प्रयोग से अधिक मात्रा में दूषित नालियों का गन्दा पानी का इस्तेमाल सड़को की सफाई के लिए किया जायेगा। जिससे सड़क प्रदूषण पर रोक लगेगी।

 नाली के पानी से सड़क की सफाई कर रही यह मशीन

तीन माह में कई परीक्षण के बाद बनी 

सीएमईआरआइ की इस मशीन को बनाने में करीब पांच लाख रुपये खर्च आया है । तीन माह में कई परीक्षणों के बाद यह मशीन तैयार की गई है । खास बात यह कि सड़कों की सफाई के साथ मैनहोल व सीवरेज सिस्टम की सफाई भी हो जाती है । सीएमईआरआइ कालोनी में पहले सड़कों की सफाई झाडू से होती थी । 

उसमें पांच - छह लोग लगते थे । सफाई में पांच घंटे लगते थे । इस तकनीक से सफाई शुरू होने के बाद केवल दो श्रमिकों की जरूरत पड़ रही है । एक ट्रैक्टर चालक एवं दूसरा कर्मी । सफाई का काम चार घंटे में पूरा हो जाता है । कालोनी में झाडू लगाने या वैक्यूम से सफाई से वातावरण में फैलने वाले प्रदूषण को पानी से धोने के कारण नियंत्रित कर लिया गया है ।

आमतौर पर सड़कों या गलियों की सफाई के लिए आज भी झाडू का प्रयोग होता है । वैक्यूम स्वीपिंग सिस्टम सड़क की सफाई की एक तकनीक है , मगर इससे भी धूलकण उड़कर वातावरण में फैलते नतीजा प्रदूषण बढ़ता है । ऐसे में सेंट्रल मैकेनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ( CMIRI ) , दुर्गापुर ने रोड क्लीनिंग मशीन विकसित की है ।

 इससे नालियों व मैनहोल का गंदा पानी निकाला जाएगा । इसे तुरंत साफ कर सड़कों की सफाई में प्रयोग किया जाएगा । सीएमईआरआइ की कालोनी की सड़कें इसी विधि से साफ की जा रही हैं । परिणाम शानदार आए हैं । 

बड़े वाहन पर रखी जाती मशीन :

इस मशीन के तहत एक बड़े वाहन में टैंक रखा गया है , इसमें मैनहोल या नाली का पानी एकत्र होता है इसमें लगी मशीन की छमता अभी 1000 लिटर रखी गई है मशीन में 2 चेंबर होते हैं पहले में मेन हॉल या नालियों का पानी आता है उसे साफ कर दूसरे चेंबर में भेजा जाता है उससे सड़क दो ही जाती है। 

रासायनिक प्रक्रिया से साफ होता है पानी: 

सीएमईआरआइ के वैज्ञानिक अविनाश कुमार यादव,दबिश शर्मा कुलभूषण ,चंचल गुप्ता ,इस्पिता सरकार की टीम ने इस मशीन को तैयार किया है उनका कहना है कि इस विधि में किसी नाली या मेनहोल से पंप से पानी को खींचकर टैंक में ले जाते हैं । 

उसमें ठोस अपशिष्ट भी आ जाते हैं इनको फिल्टर से हटाया जाता है नालियों के पानी में दुर्गंध होती है इसको रासायनिक प्रक्रिया से दूर किया जाता है ताकि सड़कों को धोने के बाद राहगीरों को दुर्गंध का एहसास ना हो। 

पानी को फिल्टर करने और ट्रीटमेंट के बाद उसका प्रयोग सड़कों के धुलाई में करते हैं।  वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तकनीक के प्रयोग से  सड़क खराब नहीं होगी।  नाली या सीवर के पानी में मिलने वाले अपशिष्ट के बारे में उनका कहना है कि बड़े पैमाने पर इस तकनीक का प्रयोग शुरू होने पर गंदगी से खाद भी बनाए जा सकेगी । 

यदि मलवा निकलता है तो उससे ईट बनाई जा सकती है इस दिशा में आगे काम करने की योजना है। 

सेंट्रल मैकेनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीटयूट , दुर्गापुर के निदेशक , प्रो . डा . हरीश हिरानी , कहते है वर्तमान में देश में सड़कों की सफाई झाडू या वैक्यूम प्रणाली के माध्यम से होती है , इससे वातावरण में धूलकण उड़ते हैं । 

इस तकनीक से इस प्रदूषण को रोका जा सकता है । जब नाली के पानी का इस्तेमाल सड़कों को साफ करने में होगा । इस प्रक्रिया से गंदे पानी का सदुपयोग होगा और जल संरक्षण भी किया जा सकेगा ।

Getting Info...

एक टिप्पणी भेजें

Cookie Consent
We serve cookies on this site to analyze traffic, remember your preferences, and optimize your experience.
Oops!
It seems there is something wrong with your internet connection. Please connect to the internet and start browsing again.
AdBlock Detected!
We have detected that you are using adblocking plugin in your browser.
The revenue we earn by the advertisements is used to manage this website, we request you to whitelist our website in your adblocking plugin.
Site is Blocked
Sorry! This site is not available in your country.