robin sharma inspiration motivation speech in hindi | रॉबिन शर्मा-गेम चेंजर बनना चाहते हैं तो आज से ही बदलें

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 Robin Sharma inspiration motivation speech in hindi

वर्तमान जिंदगी और चाही गई जिंदगी में जितना अंतर होगा , उतना नाखुश होंगे । जीवन में ऊर्जा की कमी होगी । -रॉबिन शर्मा , लाइफकोच व विख्यात लेखक, robin sharma qoutes in hindi

वर्तमान जिंदगी और चाही गई जिंदगी में जितना अंतर होगा , उतना नाखुश होंगे । जीवन में ऊर्जा की कमी होगी । -रॉबिन शर्मा , लाइफकोच व विख्यात लेखक 

 रॉबिन शर्मा-गेम चेंजर बनना चाहते हैं तो आज से ही बदलें

मेरी शुरुआत बहुत साधारण रही है । सीधा - सादा विनम्र परिवार दो हजार लोगों के छोटे - से कस्बे में रहता था । कई लोगों ने मुझे अवसर ही नहीं दिए । उन्हें कभी नहीं लगता था कि मैं यूनिवर्सिटी भी जा पाऊंगा या जिंदगी में कुछ कर पाऊंगा । 

जब आप अपने सपने का पीछा कर रहे हों , तो विरोधियों की बकबक ना सुनें । जो खुद को पीड़ित समझते हैं , उन्हीं को आलोचना पसंद होती है । गेम चेंजर्स उम्मीद , आशा और नवाचार में विश्वास रखते हैं । लोग कहते थे कि वकील बन जाओगे तो खुश और सफलता भरी जिंदगी बिताओगे । मैं दुनिया के उस खांचे में फिट होना चाहता था । मैं मैं वाकई खुद को नहीं जानता था और दूसरे जो कहते थे , उसी पर विश्वास करता था । 

लॉ में मास्टर्स किया , एक फर्म में नौकरी शुरू की । लेकिन हर सुबह खुद को आइने में देखता , तो नजरें नहीं मिला पाता । मैंने तय किया कि इसमें बदलाव करूंगा क्योंकि आपके वर्तमान जीवन और चाहे गए जीवन में जितना अंतर होगा , उतना नाखुश होंगे । जीवन में ऊर्जा की कमी होगी । 

मैंने बदलाव की शुरुआत किताबें पढ़ने से की । महात्मा गांधी , मदर टेरेसा , जॉन एफ कैनेडी को पढ़ा । जाना कि कौन सी चीज ने उन्हें नायक बनाया , कैसे उन्होंने दूसरों की जिंदगी पर प्रभाव डाला , बदलाव लाए । उन दिनों , वे वाकई मेरे ऊपर प्रभाव पैदा कर रहे थे । मैंने गेम चेंजर्स लोगों के बारे में जाना । 

कौन सी चीज ने उन्हें बेहतर बनाया , उस पर लिखना शुरू किया । अगर आप गेम चेंजर बनना चाहते हैं , तो अगले सात दिनों के बारे में . भूल जाइए और खुद से पूछिए कि मैं कैसी जिंदगी जियूं , जो आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित कर सके । आज से शुरू करें , ऐसा काम करें जो ना सिर्फ आपके और आपके आसपास के लोगों के लिए फायदेमंद हो बल्कि समाज के लिए भी हितकर हो । मैं - ' द वर्ल्ड चेंजर्स मेनिफेस्टों ' किताब से साभार

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