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Subconscious mind: दिमाग का यह नियम समझ कर अपना जीवन बदल सकते हैं

Subconscious mind power: हमारे दिमाग का एक नियम है । दिमाग के अवचेतन यानी सबकॉन्शियस माइंड की प्रतिक्रिया चेतन मन के विचारों की प्रकृति से तय होती हैं


Subconscious mind power: हमारे दिमाग का एक नियम है । दिमाग के अवचेतन यानी सबकॉन्शियस माइंड की प्रतिक्रिया चेतन मन के विचारों की प्रकृति से तय होती हैं । यानी ऊपरी तौर पर आप जो सोचेंगे और करेंगे , अंदरुनी तौर पर आप वैसे बदल जाएंगे । हमें ये समझना होगा कि चेतन और अवचेतन दो मस्तिष्क नहीं है ।

Subconscious mind: दिमाग का यह नियम समझ कर अपना जीवन बदल सकते हैं

Subconscious mind power: हमारे दिमाग का एक नियम है । दिमाग के अवचेतन यानी सबकॉन्शियस माइंड की प्रतिक्रिया चेतन मन के विचारों की प्रकृति से तय होती हैं । यानी ऊपरी तौर पर आप जो सोचेंगे और करेंगे , अंदरुनी तौर पर आप वैसे बदल जाएंगे । 

हमें ये समझना होगा कि चेतन और अवचेतन दो मस्तिष्क नहीं है । वे तो एक ही मस्तिष्क में होने वाली गतिविधियों के दो क्षेत्र हैं । 

आपका चेतन मन तार्किक मस्तिष्क है । यह दिमाग का वो हिस्सा है , जो विकल्प चुनता है । उदाहरण के लिए आप अपनी पुस्तकें , अपना घर , जीवनसाथी चुनते हैं । आप अपने सारे निर्णय चेतन मन से करते हैं । दूसरी तरफ , आपके सचेतन चुनाव के बिना ही आपका हृदय अपने आप काम करता है और शरीर का आंतरिक गतिविधियां चलती रहती हैं । 

आप अपने Subconscious mind power: अवचेतन मन पर जो भी छाप छोड़ते हैं या जिसमें भी प्रबल विश्वास करते हैं , आपका अवचेतन मन उसे स्वीकार कर लेता है । यह बहस नहीं करता । यह उस मिट्टी की तरह है , जो किसी भी तरह के बीज को स्वीकार कर लेती है । 

मनोवैज्ञानिक और मनोविश्लेषक बताते हैं कि जब विचार आपके अवचेतन मन तक पहुंच जाते हैं , तो दिमाग की कोशिकाओं में उनकी छाया बन जाती है । 

जैसे ही अवचेतन मन किसी विचार को स्वीकार कर लेता है , यह उसे साकार करने में तत्काल जुट जाता है । यह आपके भीतर की असीमित शक्ति , ऊर्जा और बुद्धि का इस्तेमाल करता है । 

मनोवैज्ञानिकों और अन्य शोधकर्ताओं ने बहुत से सम्मोहित लोगों पर प्रयोग किए हैं । उनके शोध से स्पष्ट हो जाता है कि अवचेतन मन कोई चुनाव या तुलना नहीं करता है , जो तार्किक प्रक्रिया के लिए जरूरी है । 

ये मन कोई भी सुझा स्वीकार कर लेगा , भले ही वह झूठा हो । ये आपको तय करना होगा कि अपने सबकॉन्शियस माइंड को कैसे सुझाव देते हैं । -'आपके अवचेतन मन की शक्ति से साभार

Thoughts of the day 

प्रतिभा ईश्वर ने दी है इसलिए विनम्र रहिए । प्रसिद्धि मानव प्रदत्त है , आभारी रहिए । अकड़ स्वयं की दी हुई है , सावधान रहिए । 

अपनी भावनाओं से पहले दूसरों के अधिकारों पर विचार करें और अपने अधिकारों से पहले दूसरों की भावनाओं पर - जॉन वुडन ( ख्यात अमेरिकी खिलाड़ी ) 

आज का पॉजिटिव चैलेंज(Today's Positive Challenge) 

 अपने स्क्रीन टाइम का हिसाब रखें 

हम औसतन 7 घंटे मोबाइल स्क्रीन देखते हुए बिताते हैं । कामकाजी लोगों के लिए ये समय कम्प्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन देखने के अलावा है । अपने स्क्रीन टाइम को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है , इसका हिसाब रखना शुरू कर दें ।

इसमें कुछ एप्लिकेशन की मदद ले सकते हैं । इससे पता लगा सकेंगे कि कितना समय , किन - किन एप पर बिताते हैं और उस हिसाब से स्क्रीन टाइम कम कर सकते हैं ।

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