Power of positivity: खुद की आलोचना न करें ये सुधार में बाधक है

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खुद की आलोचना न करें ये सुधार में बाधक है

खुद की आलोचना न करें ये सुधार में बाधक है, Don't criticize yourself it's a hindrance to improvement, motivational thought, inspiration thought,

Power of Positivity: उस बात पर हमेशा गौर करें जिसके लिए आप खुद को सबसे ज्यादा दोष देते हैं । फिर चाहे वह देरी हो , ओवर ईटिंग हो या कुछ और । क्षण भर के लिए उस भाषा पर विचार करें , जिसका उपयोग आप उस समय खुद को दोष देने के लिए करते हैं । क्या आप खुद को बहुत बुरा - भला कहते हैं । आलसी , बेवकूफ जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं तो इसे बंद कर दीजिए । 

विशेषज्ञ खुद के बारे में इस तरह के शब्दों का प्रयोग करने या खुद के लिए जजमेंट करने से मना करते हैं । इसका मुख्य कारण यह है कि इस तरह की आलोचना आपको समस्याओं के वास्तविक कारणों तक नहीं पहुंचने देती , जिससे आप समस्या के समाधान तक नहीं पहुंच पाते । 

मनोवैज्ञानिक आमतौर पर जोर देते हैं कि विचारों , भावनाओं और व्यवहार के लिए एक उचित स्पष्टीकरण होता है । इसे ' सहानुभूति ' कहा जाता है । इसका उपयोग लोगों में बदलाव लाने के लिए किया जाता है । दरअसल जब हम जजमेंट करते हैं तो हम मानसिक रूप से दुनिया को ' अच्छे ' और ' बुरे ' की श्रेणी में विभाजित करते हैं । 

हम जटिल चीजों को ' बेवकूफ ' , ' बदसूरत ' , ' स्मार्ट ' , या फिर ' पागल ' जैसे आसान लेबल देकर शॉर्टकट बनाते हैं । बुद्धिमानी के साथ मानसिक शॉर्टकट बनाने की यह क्षमता जीवित रहने के लिए महत्वपूर्ण भी है । क्योंकि दुनिया में इतनी अधिक सूचनाएं हैं कि सब कुछ विस्तार से नहीं जाना जा सकता । 

तो क्या करें : खुद की आलोचना ' करते समय रुकें और पूछें , ' इससे मेरा क्या मतलब है ? ' बुरी आदतों में तर्क खोजें । दरअसल आपका दिमाग बता रहा होता है कि गतिविधि अप्रिय होने वाली है । अप्रिय क्या हो सकता है इसके बारे में विचार करें । लिंडसे स्टेपल्स के मेकअप विद योर माइंड से साभार

Thought of the day 

अगर आप चाहते हैं कि कोई चीज अच्छी तरह से हो , तो उसे खुद करने की कोशिश कीजिए । 

साहस , प्यार के समान है दोनों को आशा रूपी पोषण की आवश्यकता होती है । - नेपोलियन बोनापार्ट , फ्रांसीसी सम्राट

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