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सातवे दौर की बैठक खत्म, अगली मुलाकात चार जनवरी को,सरकार और किसानोँ मे दो मुद्दों पर सहमति बनी,सरकार कानूनों मे संसोधन के लिए तैयार !

बुधवार, दिसंबर 30 | दिसंबर 30, 2020 WIB Last Updated 2021-09-04T18:53:59Z

किसान संगठन और सरकार के बीच की बैठक ख़त्म हो गई है ,ये बैठक करीब पांच घंटे तक चली  अगली बैठक चार जनवरी को होगी

kisan andolan latest news in hindi
kisan andolan meeting pic

नई दिल्लीः  दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों का आंदोलन का  आज 35वें दिन  है। शीतलहर और कम  होता  तापमान भी उनका हौसला नहीं तोड़ सका है। आज सबकी निगाहें किसान नेताओं और सरकार के बीच होने वाली छठे दौर की बैठक पर टिकी थी । 
बैठक की सफलता और असफलता पर ही इस आंदोलन का भविष्य टिका है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की जिन सीमाओं पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं वहां आंदोलन के समर्थन मे भीड़  का जमावड़ा बढ़ता ही जा रहा है। अब इस आंदोलन की लहर देश के अन्य शहरों तक  भी पहुंच चुकी है 

 बैठक के बाद कृषि मंत्री ने बताया कि हमने यूनियन के नेताओं से आग्रह किया है कि बढ़ती ठंड को देखते हुए वे प्रदर्शन में बैठे बुजुर्ग किसानों बच्चो व महिलाओं को भी इस मौसम में परेशानी हो रही है। ऐसे में उनका भी घर लौट जाना सही होगा

किसानों के साथ बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार और किसानों में चार मुद्दों में से  दो मुद्दों पर सहमति बनी है. दो पर सहमति बनी है. उन्होंने कहा कि पराली-बिजली बिल और पर्यावरण संबंधि अध्यादेश पर सहमति बनी है. उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) जारी रहेगी

 कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हम चार जनवरी को दोपहर दो बजे एक बार फिर इकट्ठा होंगे और एमएसपी पर चर्चा को आगे बढ़ाएंगे। 

 बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हम पहले भी बता चुके है कि एमएसपी जारी है  और  जारी रहेगी।  कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने यह  कहा की  हम ये लिखित में भी देने को तैयार है। लेकिन किसानों को लगता है कि एमएसपी को कानूनी दर्जा मिलना चाहिए। इसपर अभी पूरी चर्चा बाकी है।

किसान नेताओं किसानों और सरकार के बीच सातवें दौर की बातचीत खत्म हो गई है। अगली बैठक चार जनवरी को निर्धारित की गई है।
farmers protest
Kisan meeting pic

और सरकार की कई घंटों की बैठक के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है। सरकार ने कहा है कि कानून बनाने और खत्म करने की लंबी प्रक्रिया है, मांगों पर चर्चा के लिए समिति बनाने की पेशकश की गई है 

आंदोलन के 35वें दिन हुई बैठक के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन का निष्कर्ष निकलना चाहिए नहीं तो किसान बिरादरी बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी किसान संगठन हल नहीं निकलने तक आंदोलन पर डटे रहेंगे ।

आगे उन्होंने  कहा की वार्ता में राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी जैसे बुजुर्ग नेताओं को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार दो कदम पीछे हटे तो किसान ढाई कदम पीछे हटने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री का सर नीचे नहीं करना चाहते बशर्ते की वह भी किसान का सम्मान बनाए रखें और किसानों की सभी मांगों को मानें।

इसी बीच जब दिन को लंच का समय हुआ तो तब केंद्रीय मंत्री नरेंद सिंह तोमर और पीयूष गोयल ने किसानों के साथ खाना खाया।

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