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इधर टीके का संकट ,उधर बेफिक्र लोग | यूपी में कांवड़ यात्रा की मंजूरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

 इधर टीके का संकट , उधर बेफिक्र लोग .... कठिन है डगर,संज्ञान यूपी , उत्तराखंड - केंद्र 16 तक जवाब दें यूपी में कांवड़ यात्रा की मंजूरी पर सुप्रीम कोर्ट बोला- नागरिक हैरान , हो क्या रहा है?

Kanwar Yatra,इधर टीके का संकट ,उधर बेफिक्र लोग  यूपी में कांवड़ यात्रा की मंजूरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
इधर टीके का संकट ,उधर बेफिक्र लोग | यूपी में कांवड़ यात्रा की मंजूरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

प्रधानमंत्री की वेदना किसी भी देशवासी को सोचने पर मजबूर करेगी । उन्होंने कहा कि ' तीसरी लहर आने के पहले एन्जॉय कर लें ' की सोच के साथ लोग हिल - स्टेशनों और बाजारों में कोरोना से जुड़ी सावधानियों की धज्जियां उड़ा रहे हैं । यही तीसरी लहर का बुलावा होगा । 

उत्तराखंड के नए सीएम ने पीएम से भेंट के एक दिन बाद राज्य में कांवड़ - यात्रा पर रोक लगा दी है लेकिन यूपी , बिहार सहित एक दर्जन राज्य सरकारों को पीएम की नई अपील के मद्देनजर फैसला लेना है । 

बेहतर होता राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सम्बंधित एक्ट के सेक्शन 6 ( 1 ) के तहत अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए इस पर रोक लगाता । इधर , देश में टीके की भारी कमी हो गई है । 

विगत 21 जून , जिस दिन केंद्र ने टीका खरीदने का पूरा काम अपने हाथ में लिया , के बाद के क पहले सप्ताह में करीब 60 लाख टीके रोजाना लगे लेकिन 5 से 11 जुलाई के बीच ये घटकर आधे हो गए । 

महाराष्ट्र , तमिलनाडु , तेलंगाना , दिल्ली और कर्नाटक सहित कई राज्यों ने केंद्र को लिखा है कि टीके के अभाव के कारण हजारों केंद्र बंद कर दिए गए हैं । केंद्र ने जून में दावा किया था कि 80 लाख प्रतिदिन टीके के लक्ष्य के साथ दिसंबर तक सभी वयस्कों का पूर्ण टीकाकरण हो जाएगा । 

लेकिन सच्चाई सभी जानते थे कि जुलाई में टीके की भयंकर किल्लत होने जा रही है । स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने लोगों की लापरवाही पर व्यंग्य करते हुए कहा कि वे चेतावनी को ' मौसम की रिपोर्ट ' की तरह न लें , हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि तीसरी लहर रोकने का सबसे प्रभावी उपाय- पूर्ण टीकाकरण कैसे अमल में आएगा ?

संज्ञान यूपी , उत्तराखंड - केंद्र 16 तक जवाब दें यूपी में कांवड़ यात्रा की मंजूरी पर सुप्रीम कोर्ट बोला- नागरिक हैरान , हो क्या रहा है

देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बावजूद उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को अनुमति देने पर हैरानी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है । बुधवार को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए जस्टिस आरएस नरीमन ने कहा , ' हमने हैरान करने वाली रिपोर्ट पढ़ी । 

देश के लोग भी हैरान हैं , उन्हें पता नहीं कि हो क्या रहा है । यह सब तब हो रहा है जब पीएम तीसरी लहर को लेकर चेता चुके हैं और कहा है कि हम जरा सी भी लापरवाही नहीं बरत सकते । ' 

पीठ ने हैरानी जताई कि यूपी सरकार ने तो 25 जुलाई से कांवड़ यात्रा को मंजूरी दे दी है जबकि उसके पड़ोसी राज्य उत्तराखंड की सरकार कह चुकी है कि यात्रा नहीं होगी । 

हम इस मसले पर राज्य सरकारों का रुख समझना चाहते हैं । दो राज्यों के अलग - अलग बयान से नागरिक भ्रमित हो रहे हैं । उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा है । 

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश , उत्तराखंड और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर कहा , 16 जुलाई की सुबह सभी पक्ष अपना जवाब दाखिल करें ताकि उसी दिन इस पर सुनवाई हो सके ।

कुंभ के आयोजन से निशाना बनी थी उत्तराखंड सरकार 

कोरोना की दूसरी लहर के बीच हुए हरिद्वार कुंभ पर उत्तराखंड सरकार की आलोचना हुई थी । उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कुंभ का हवाला देकर पिछले महीने चारधाम यात्रा की अनुमति देने से मना किया था । 

मद्रास हाईकोर्ट ने भी धर्मस्थल खोलने के मामले में 3 जुलाई को ऐसी ही टिप्पणी की थी । -2019 में करीब 3.5 करोड़ कांवड़ यात्री हरिद्वार पहुंचे । पश्चिमी यूपी में 2 से 3 करोड़ श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए । कोरोना के चलते पिछले साल कांवड़ यात्रा नहीं हो सकी थी ।

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