हर साल असामान्य सर्दी और गर्मी से करीब 7,40,000 लोग मारे जाते हैं

हर साल असामान्य सर्दी और गर्मी ( climate change) से करीब 7,40,000 लोग मारे जाते हैं,लैंसेट प्लेनेटरी हेल्थ जर्नल में प्रकाशित हुई अध्ययन रिपोर्ट

हर साल असामान्य सर्दी और गर्मी (climate change) से करीब 7,40,000 लोग मारे जाते हैं, लैंसेट प्लेनेटरी हेल्थ जर्नल में प्रकाशित हुई अध्ययन रिपोर्ट

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भारत में करीब 7,40,000 लोग हर साल असामान्य गर्मी या सर्दी से मारे जाते हैं। ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में हुए एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन से यह निष्कर्ष सामने आया है। इस अध्ययन के मुताबिक दुनियाभर में इसी कारण से मरने वालों की तादाद करीब 50 लाख है। 

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रिपोर्ट के मुताबिक भारत में अधिक गर्मी के बजाय लोग असामान्य ठंड से अधिक मारे जाते हैं। यहां ज्यादा ठंड से मरने वालों की संख्या लगभग 6,55,000 है। जबकि अधिक गर्मी से दम तोड़ने वालों की 83,700 के करीब। यही नहीं, अध्ययनकर्ताओं की मानें तो भविष्य में यह स्थिति और खराब होने वाली है। 

इसका कारण है, वैश्विक तापमान ( ग्लोबल वार्मिंग ) में लगातार हो रही बढ़ोतरी। यह अध्ययन रिपोर्ट लैंसेट प्लेनेटरी हैल्थ जर्नल में प्रकाशित हुई है। इस अध्ययन के लिए दुनियाभर में साल 2000 से 2019 के बीच तापमान में आए परिवर्तन और उससे जुड़े परिणामों की पड़ताल की गई। इससे पता चला कि हर 10 साल में वैश्विक औसत तापमान 0.26 डिग्री अधिक हो जाता है। 

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असामान्य तापमान से होने वाली मौतों से जुड़ा यह पहला अध्ययन ... दुनियाभर में असामान्य तापमान ( अधिक ठंडी या गर्मी ) से होने वाली मौतों से जुड़ा यह पहला अध्ययन है। इस अध्ययन से जुड़े मोनाश विश्वविद्यालय के प्रोफेसर युमिंग गुओ कहते हैं, ' हमने 43 देशों के आंकड़े खंगाले। ये देश पांचों महाद्वीपों से ताल्लुक रखने वाले थे। सबकी जलवायु और वातावरण अलग। वहां की जनसांख्यिकीय, सामाजिक, आर्थिक स्थितियां अलग आधारभूत ढांचा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थितियां भी इन देशों में अलग अलग हैं। हमने इन सभी कारकों को अपने अध्ययन का आधार बनाया है।

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