रक्षाबंधन का त्योहार बनाये रिश्ते-नाते

रक्षाबंधन का त्योहार वैसे तो भाई - बहन के लिए बेहद खास होता है लेकिन ये भाभी - ननद के लिए भी उतना ही अहम है । दोनों एक व्यक्ति के कारण नए रिश्ते में

Raksha Bandhan 2022: रक्षाबंधन का त्योहार वैसे तो भाई - बहन के लिए बेहद खास होता है लेकिन ये भाभी - ननद के लिए भी उतना ही अहम है । दोनों एक व्यक्ति के कारण नए रिश्ते में शामिल होते हैं । भाभी - ननद की राखी के बहाने इस रिश्ते पर एक नजर ... 

रक्षाबंधन, रक्षाबंधन का त्योहार बनाये रिश्ते-नाते, रक्षाबंधन का त्यौहार

festival of rakshabandhan बनाये रिश्ते-नाते

यू हीं बना रहे ये प्यार और दुलार 

राखी एक ऐसा खूबसूरत त्योहार है जो प्यार , विश्वास , अपनेपन और सुरक्षा का प्रतीक है । जब राखी कलाई पर बांधी जाती है तो उन दो लोगों में अटूट रिश्ता बन जाता है । चाहे भाई - बहन के बीच हो या भाभी और ननद के बीच, भाई की शादी के बाद बहन भाभी को भी राखी बांधती है इस रिश्ते को और भी मीठा कैसे बनाए जाए जानिए

यह भी देखें - रक्षाबंधन का पर्व उन रिश्तों की तलाश भी पूरी कर देता है , जो मन के पास होते हैं , भले रहते दूर हों ।

खुले दिल से स्वागत

नन्द यदि अपनी भाभी का पूरे ननद मन और खुले दिल से स्वागत करे और ये मान ले कि अब घर की ज़िम्मेदारी , उसके काम , उसकी भावनाओं को बांटने के लिए एक साथी आ गया है तो इस रिश्ते की परिभाषा बदल जाएगी । घर के सभी सदस्यों का प्यार यदि वह भाभी को भी मिलता देख खुश हो तभी उसे भाभी का प्यार मिल सकता है । 

और इस नए रिश्ते से मिले प्यार से उसके प्यार का कोटा दोगुना हो जाता है । भाभी को घर के तौर तरीके बताएं , उनसे उनके मायके के तौर - तरीकों के बारे में पूछे । जो पहले से चला आ रहा है उसमें नए सदस्य के आने पर होने वाले परिवर्तनों का स्वागत करें । इससे ननद - भाभी दोनों ही परम मित्र बन सकती हैं । 

जिम्मेदारियां दोनों की 

घर परिवार में खुशियां घोलने की बड़ी ज़िम्मेदारी इस रिश्ते पर होती है । इस रिश्ते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भाभी जब घर आती है तब उसे सारी ज़िम्मदारियों को निभाना शुरू करना होता है जिन्हें अभी तक उसकी ननद निभा रही थी । चाहे वो सबका ध्यान रखना हो , घर की सजावट , माता पिता की भावनाओं को समझना हो या घर के भाई - बहनों को प्यार देना हो । 

ननद बनने के बाद घर की बेटी को अपने अधिकार भाभी से बांटने होते हैं जिस पर अभी तक सिर्फ उसका ही हक़ था । लेकिन कई बार ये सब साझा करना कठिन होता है लेकिन थोड़ी - सी समझदारी से दोनों ही इस रिश्ते में मिठास घोल सकती हैं ।

आपस में विचारों की साझेदारी 

इस रिश्ते की ख़ासियत यही है कि इसमें ननद - भाभी एक दूसरे से सब कुछ साझा करती हैं । लेकिन एक ने भी यदि बातों को अन्य किसी से साझा किया तो रिश्ते में खटास आने के साथ ही भरोसा भी उठ जाता है । ननद भरोसा करती है कि भाभी भाई से उसकी बातें साझा न करें । ऐसे में भाभी यदि ऐसा नहीं करती हैं तो दोनों के बीच दरार आ जाती है । इसलिए एक दूसरे पर भरोसा करें ।

ऊंचा हो जाता है रिश्ता 

यदि कुछ पहलुओं पर ध्यान दें तो ननद - भाभी का ये रिश्ता कई बार भाई - बहन व मां - बेटी से ऊंचा हो जाता है । भाभी कई बार मां का किरदार निभाती देखी जाती हैं तो ननद प्यारी दोस्त का । ऐसे में रक्षाबंधन पर भाई के साथ - साथ भाभी को भी इसका इंतजार रहता है । और ननंद भाभी के लिए लुम्बा , चूड़ी , सुंदर राखियों के रूप में भाभी के लिए ढेर सारा प्यार लाती है ।

बहन से बीच की कड़ी है भाई 

भाभी ननद के बीच भाई मुख्य कड़ी होता है । लड़ने वाला , प्यार करने वाला , छेड़ने वाला , तोहफे देने वाला , उसको सही रास्ता दिखाने वाला समय , एक - दूसरे से दिल की बात साझा करने वाला भाई जब किसी का पति हो जाता है , तो उसका समय और ध्यान पत्नी के हिस्से में ज्यादा दिखाई देने लगता है । हालांकि , पति का पत्नी को समय देना लाज़मी है , लेकिन बहन की पूरी तरह अवहेलना ना हो जाए , यहां इस बात का ध्यान रखना चाहिए । 

बहन को ये ना लगे कि भाई उससे दूर होने लगा है । भाभी को भी ये न लगे जो उसके अधिकार हैं वो उसे नहीं मिले । बहन को जैसा लाड़ भाई करता था वैसा भाभी भी करे और बहन जैसा ध्यान अपने भाई का रखती थी वैसा वो भाभी का भी रखे । इससे ननद भाभी का रिश्ता भी वैसा ही होगा जैसा भाई बहन का होता है । 

बड़ों की बड़ी भूमिका

 घर के बड़े माता - पिता , दादा - दादी हर रिश्ते को निभाने का तरीका सिखाते हैं । जब बहू घर में आए तब घर की बेटी और बहू को समझना उनके बीच सामंजस्य बैठाना बड़ों की ज़िम्मेदारी होती है । कई बार देखा गया है कि बहू के हर काम की तुलना बेटी से की जाती है जो जाने अनजाने इस रिश्ते में जलन व कड़वाहट घोल देती है । 

वहीं कभी - कभी बहू को अधिक महत्व व प्यार देने के कारण बेटी अपने आप को अलग - थलग महसूस करने लगती है । बड़ों को इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि ननद भाभी के रिश्ते में मिठास बनी रहे ।

Rate this article

एक टिप्पणी भेजें