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Pet Care: How to take care of pets in summer in Hindi

Pets Care: गर्मी का मौसम पालतू जानवर (pets) के लिए भी काफ़ी मुश्किलभरा होता है.ऐसे में उसका ख़्याल रखना आपकी जिम्मेदारी है . How to take care of your pets आइये जानते है इस लेख में... 


How to take care of your pet in summer, पालतू पशुओं, जानवरों की देखभाल कैसे करें,


Pet Care: How to take care of pets in summer in Hindi


हमारी तरह पशु भी गर्मी की तपन सहन नहीं कर पाते . जिस तरह हमें गर्मी में अधिक प्यास लगती है और ठंडा वातावरण अनुकूल लगता है , उसी तरह पशुओं को भी महसूस होता है . तपती गर्मी में पालतू को डिहाइड्रेशन हो सकता है और वे परेशान भी हो सकते हैं.


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उन्हें तापघात यानी हीटस्ट्रोक की समस्या भी हो सकती है . वे अपनी दिक़्क़त बयां नहीं कर सकते इसलिए इस गर्म मौसम में उनकी सुविधाओं का ख्याल रखना आपकी ज़िम्मेदारी है


हीटस्ट्रोक के लक्षण 


ज्यादा हांफना , अत्यधिक लार गिरना , थका हुआ दिखना , गहरे लाल मसूड़े , शुष्क त्वचा , बढ़ा हुआ शारीरिक तापमान , उल्टी - दस्त होने जैसे लक्षण Pets में नज़र आ सकते हैं.


Pet Care tips: How to take care of pets in summer in Hindi


  • पालतू जानवरों को डिहाइड्रेशन न हो , इसलिए दिन 1 में कई बार उसे ठंडा और साफ़ पानी देते रहें . पानी में बर्फ के टुकड़े भी डाल दें .ज्यादा जरूरत हो तो ग्लूकोज आदि भी दे सकते हैं . 
  • दोपहर में बाहर ले जाएं तो पालतू को कार में न छोड़ें , क्योंकि कार गर्म हो जाती है . इस वजह से उन्हें समस्या हो सकती है. 
  • अपने पालतू  pets को छाया में रखें . पंखे - कूलर या फिर एसी में रखना अच्छा रहेगा , क्योंकि उन्हें -अधिक गर्मी लगती है .
  • गर्मी के मौसम में उन्हें संतुलित आहार दें . सुबह व शाम के वक़्त खिलाना सही रहेगा . साथ ही उनके भोजन में वसा की मात्रा घटाएं और फाइबर की मात्रा बढ़ा दें . इसके लिए पशुचिकित्सक से advice ले सकते हैं .
  • अपने पालतू animals को धूप में घुमाने से बचें . घुमाने ले आयाम ही करवाएं .
  • पालतू को दही - छाछ , तरबूज , खरबूज , खीरे के अलावा मौसमी फल जैसे आम इत्यादि दे सकते हैं . किंतु इनके बीज और गुठलियां अवश्य ' निकाल दें . 
  • अगर आपके पास लंबे बालों वाली नस्ल का पालतू है तो उसकी कटिंग भी करवाएं , ताकि बालों की मोटी परत के कारण उसे गर्मी न लगे .
  • अपने pets को अच्छे पेट-शेम्पू से नहलाएं.  जूं चिचड़ ( कीड़े ) न हों इसका ध्यान रखें, समय - समय पर जांच करते रहें.
  • Pet's को पानी से खेलना पसंद होता है . ख़ासतौर पर गर्मी के मौसम में उन्हें ऐसा करना अधिक अच्छा लगता है . उनके लिए बड़ा टब या टंकी की व्यवस्था कर सकते हैं. इसके अलावा गर्मी से राहत के लिए गीले कपड़े से उन्हें पोंछ भी सकते हैं. 
  • Dogs की कुछ नस्लों को सनबर्न भी हो जाता है . इसलिए ख़ास उनके लिए बनाई जाने वाली सनस्क्रीन लगा सकते हैं .

हमारी तरह पालतू की भी कुछ ज़रूरतें होती हैं। वो अपना ध्यान नहीं रख सकते, इसलिए उनकी देखभाल हमारी ही ज़िम्मेदारी है। इसके लिए एक चेकलिस्ट तैयार करें जो उनकी देखभाल में मदद करेगी। पालतू को घर लाने के बाद हम उसे खाना खिलाते हैं, उसके साथ खेलते हैं और सोने के इंतजाम भी करते हैं। इतना ही काफ़ी नहीं है। इनके अलावा भी कई ज़िम्मेदारियां हैं जो पालतू की देखभाल के लिए जरूरी हैं। जिस तरह आप दिन, हफ्ता या महीने के हिसाब से अपने कामों की चेकलिस्ट बनाते हैं, उसी तरह पालतू के लिए भी एक सूची तैयार करें ताकि आप पूरी तरह से उसकी देखभाल कर सकें।


पहला काम


  • पालतू को पट्टा पहनाएं। उस पर पालतू के नाम का लॉकेट भी लटकाएं। लॉकेट के पीछे मालिक का नाम और फोन नंबर लिखें। यदि पालतू कहीं गुम हो जाता है और किसी अनजान व्यक्ति को मिलता है, तो वो मालिक को सूचित कर सकता है।
  • उसके लिए जरूरी सामान जैसे शैम्पू, ब्रश, टूथपेस्ट व हेयर ब्रश आदि लाएं। इनके लिए एक अलग से डिब्बा तैयार करें।
  • पालतू के लिए घर और आंगन सुरक्षित रखें। ऐसे पौधे न लगाएं जो उनके लिए हानिकारक हों। ऐसा कोई सामान जैसे नुकीली वस्तु जिससे चोट लगे या बहुत छोटी वस्तु जिसे पालतू निगल सके, घर में न रखें।

रोज़ के काम


  • पालतू को आवश्यक ट्रेनिंग देना जरूरी है। सबसे पहले उसे उसका नाम याद कराएं। फिर बैठने, खाने, धैर्य रखने आदि की शिक्षा दें। इसके लिए रोज एक घंटे का समय निकालें। पालतू के साथ रोज 15-30 मिनट जरूर खेलें।
  • दिन में कभी भी उसको 30 मिनट बाहर घुमाएं। उसके मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
  • रोज आंखों के आस-पास का हिस्सा साफ़ करें या पोंछें। 
  • उसके बैठने का स्थान और गद्दों को रोज एक बार झटकारें। भोजन और पानी के बर्तन रोज धोएं।

हफ्ते के काम


पालतू के दांत हफ्ते में 3 बार साफ़ करें। 2 बार नहलाएं और ब्रश फिराएं। 1-2 बार उसके बिस्तर और खिलौनों को साबुन से धोएं।


महीने के काम


  • एक बार नाख़ून काटें। हालांकि इसके पहले पशु चिकित्सक की सलाह लें क्योंकि हर नस्ल की आवश्यकताएं अलग-अलग होती है। 
  • हार्टवॉर्म, फली और टिक की दवाइयां, चिकित्सक की सलाह से दें।

साल के काम


एक बार पालतू को नियमित जांच के लिए ले जाएं। अधिक उम्र के पालतू को 6 महीने में एक बार ले जाएं। नियमित हार्टवॉर्म की जांच कराएं। दांतों की जांच भी कराएं।


वैक्सीन का समय


पालतू की उम्र के अनुसार वैक्सीन लगाई जाती है। अगर पालतू की उम्र एक साल से कम है तो कुछ हफ्तों के हिसाब से वैक्सीन लगती है और एक साल के बाद 12 महीने के अंतर में लगाई जाती है। पशु चिकित्सक से परामर्श करके वैक्सीन जरूर लगवाएं।


खुद को भी तैयार करें


पालतू परिवार के सदस्य की तरह होता है । वह बोल नहीं सकता इसलिए इशारों या गतिविधियों से अपनी बात समझाने की कोशिश करेगा। वो क्या है कहना चाहता है यह समझना आपकी जिम्मेदारी है। उदाहरण के लिए, अगर चेहरा फर्श पर रखकर बैठा है तो उसे कुछ वक्त के लिए अकेला रहना है, पूंछ दबाई हुई है तो डरा हुआ है आदि। इसलिए इसके बारे में भी जानें, तभी आप उससे अच्छी दोस्ती कर पाएंगे और उसकी बातों को समझेंगे।



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