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जिंदा होगा ' विशालकाय मैमथ हाथी '

Giant Mammoth Elephant': यह सपना कि एक दिन विशाल Mammoth साइबेरिया में फिर से घूम आ सकते हैं , नया नहीं है । मैमथ हजारों वर्षों से विलुप्त हैं लेकिन अमरीकी वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सपना जल्द ही वास्तविकता बन सकता है । 

यह सपना कि एक दिन विशाल Mammoth साइबेरिया में फिर से घूम आ सकते हैं , नया नहीं है । मैमथ हजारों वर्षों से विलुप्त हैं लेकिन अमरीकी वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सपना जल्द ही वास्तविकता बन सकता है ।

जैनेटिक इंजीनियरिंग लगभग 6 साल बाद हाथी जैसे इस विशालकाय जीव को फिर से जीवित कर सकती है । 

कुछ विशेषज्ञ इसे लेकर संदेह में हैं परंतु हार्वर्ड विश्वविद्यालय के आनुवंशिक शोधकर्त्ता जॉर्ज चर्च कहते हैं कि ' कोलोसल ' नामक स्टार्टअप के रूप में यह परियोजना पहले से ही चल रही है । 

जॉर्ज ने मैमथ को फिर से जिंदा करने के विचार को बढ़ावा देने में सालों बिताए हैं लेकिन धन की कमी थी । रिपोर्ट्स के अनुसार अब निवेशकों ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए 15 मिलियन डॉलर देने का वायदा किया है । आशा है कि मैमथ का पहला शावक 2027 में ही पैदा हो सकता है । हालांकि , वैज्ञानिक ठीक वैसा ही मैमथ नहीं बनाएंगे जो कभी यूरेशिया और उत्तरी अमरीका के बर्फीले हिस्सों में घूमते थे । 

इसके बजाय , एक लुप्तप्राय प्रजाति के एशियाई हाथी की कोशिकाओं को प्रागैतिहासिक मैमथ के जीन के साथ इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं । उनका लक्ष्य एक ठंड प्रतिरोधी हाथी बनाना है लेकिन ऐसा जो एक विशाल मैमथ की तरह दिखेगा और व्यवहार करेगा । 

इस काम के लिए टीम की योजना कुछ अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करने की है जो डी.एन.ए. को काट सकने वाली एक तरह की कैंची की तरह काम करती है । तकनीक का उपयोग एशियाई हाथियों के डी.एन.ए. में मैमथ के कई जीन डालने के लिए किया जाएगा । 

उदाहरण के लिए एक जीन मोटी फर के लिए और एक अतिरिक्त वसा परतों के लिए डाली जाएगी । 

विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रक्रिया बेहद जटिल है लेकिन मैमथ के अवशेषों से अब तक मिली आनुवंशिक सामग्री इसका हू - ब - हू क्लोन बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है । 

वैज्ञानिकों ने ' पर्माफ्रॉस्ट ' ( जमी हुई बर्फ और मिट्टी ) पिघलने से मिलने वाले कई मैमथ के अवशेष बरामद किए हैं और इनमें पाए जाने वाले खून , ऊतक और आनुवंशिक सामग्री ने इनके विकास के बारे में कई सवालों के जवाब दिए हैं लेकिन केवल इनकी मदद से उनका क्लोन बनाना सम्भव नहीं है । 

जॉर्ज का तर्क है कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण में मदद कर सकती है ।

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