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डेल्टा स्ट्रेन भारत , ब्रिटेन ,अमेरिका के लिए खतरा यह 60 % ज्यादा संक्रामक

रविवार, जून 20 | जून 20, 2021 WIB Last Updated 2021-06-20T11:52:42Z

 चेतावनी : कोरोना का नया स्वरूप अधिक गंभीर रूप से बीमार करता है डेल्टा स्ट्रेन भारत , ब्रिटेन ,अमेरिका के लिए खतरा  यह 60 % ज्यादा संक्रामक

डेल्टा वैरिएंट ( बी .1.617.2 ) ,डेल्टा स्ट्रेन भारत , ब्रिटेन ,अमेरिका के लिए खतरा  यह 60 % ज्यादा संक्रामक
 डेल्टा स्ट्रेन भारत , ब्रिटेन ,अमेरिका के लिए खतरा  यह 60 % ज्यादा संक्रामक

 जहां वैक्सीनेशन कमजोर वहां अधिक सावधानी की जरूरत 

कोविड -19 महामारी वायरस के नए स्वरूपों के बीच हथियारों की होड़ जैसी स्थिति है । इस समय होड़ में सबसे आगे डेल्टा वैरिएंट ( बी .1.617.2 ) है । यह उन चार नए स्वरूपों में शामिल है जो सबसे पहले भारत में सामने आया था । 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले माह डेल्टा , ब्रिटेन में मिले अल्फा स्ट्रेन , दक्षिण अफ्रीका में पाए गए बीटा और पहली बार ब्राजील में देखे गए गामा को चिंताजनक घोषित किया था । इन सबमें डेल्टा को लेकर सबसे अधिक चिंता है । स्वास्थ्य अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि डेल्टा से भारत में स्थिति बिगड़ सकती है । 

ये भी देखें:  ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने बनाया कोविड अलार्म पीसीआर और एंटीजन टेस्ट से ज्यादा सटीकता

भारत में वायरस की दूसरी भयानक लहर के पीछे डेल्टा की भूमिका है । महामारी से बाहर निकल रहे अमेरिका , ब्रिटेन भी संकट में फंस सकते हैं । शोधकर्ताओं ने पाया कि डेल्टा घर के भीतर अमेरिका में सबसे अधिक फैले अल्फा स्ट्रेन के मुकाबले 60 % अधिक संक्रामक है । 

चीन के सरकारी टेलीविजन पर डॉक्टरों के हवाले से बताया गया है कि डेल्टा वैरिएंट के मरीजों में लक्षण तेजी से उभरते हैं । अन्य वैरिएंट से संक्रमित लोगों के मुकाबले उनकी स्थिति जल्दी गंभीर होती है । बीमार लोगों में वायरस की मात्रा तेजी से बढ़ती है और गिरावट अधिक धीमी गति से होती है । ( न्यूयॉर्क टाइम्स सहित अन्य अंग्रेजी अखबारों ने भी यह खबर दी है । 

 ये भी देखें: ब्रिटेन में तीसरी लहर की दस्तक,डेल्टा वैरिएंट ने बढ़ाई चिंता

फिर भी , महामारी विशेषज्ञ कहते हैं , यह कहना जल्दबाजी होगी कि क्या डेल्टा के कारण स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है । लोगों की आवाजाही और वैक्सीनेशन की दर जैसे कारण भी बीमारी की स्थिति पर प्रभाव डालते हैं । 

जॉन्स हॉपकिन्स हेल्थ सिक्योरिटी सेंटर में वरिष्ठ शोधकर्ता डॉ . गिगी ग्रोनवाल . कहते हैं , कुछ राजनेताओं के लिए वायरस के वैरिएंट पर मौजूदा स्थिति का दोष मढ़ना सुविधाजनक है । 

राष्ट्रीय संक्रामक बीमारी संस्थान के डायरेक्टर डॉ.एंथोनी फॉसी के अनुसार अमेरिका इस समय कुल मामलों में डेल्टा वैरिएंट से लगभग 6 फीसदी लोग प्रभावित हैं । मिनेसोटा यूनिवर्सिटी में संक्रामक बीमारी रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर डॉ . माइकेल ओस्टरहोल्म का कहना है , यह संख्या और बढ़ने की संभावना है । 

यह अधिक संक्रामक होने के कारण अल्फा स्ट्रेन को पीछे छोड़ सकता है । अतिरिक्त चुनौती बन सकता है । पिछले सप्ताह डॉ एंथोनी फॉसी ने बताया कि फाइजर - बायोएनटेक की वैक्सीन डेल्टा वैरिएंट पर 88 फीसदी असरकारी है डॉ . ग्रोनवाल का कहना है , अन्य वैरिएंट के समान डेल्टा वैरिएंट भी अमेरिका में उपलब्ध वैक्सीनों को बेअसर नहीं कर सकता है । 

नेचर पत्रिका में कुछ दिन पहले प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक एस्ट्राजेनेका वैक्सीन डेल्टा के खिलाफ 60 फीसदी असरकारी है ।

डेल्टा के कारण ब्रिटेन से आवाजाही पर यूरोप में बंदिशें 

दुनिया के कई देशों में बड़ी संख्या में लोगों को वैक्सीन नहीं लगने की वजह से डेल्टा वैरिएंट की संक्रामकता चिंता पैदा कर रही है । ब्रिटेन में डेल्टा वैरिएंट के फैलाव को देखते हुए कुछ यूरोपीय देशों ने वहां से लोगों की आवाजाही पर बंदिश लगाई है । 

चीन में डेल्टा संकट दक्षिण पूर्व में स्थित गुआंगझाउ शहर के आसपास केंद्रित है । यहां सरकार ने कुछ प्रतिबंध लगाए हैं । वहां महामारी की शुरुआत में ऐसे कदम नहीं उठाए गए थे । चीन में 57 फीसदी आबादी को वैक्सीन लग चुकी है । इंग्लैंड के बोल्टन में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से बचने की चेतावनी बोर्ड लगाकर दी जा रही है । 

अमेरिका में हर हफ्ते बढ़ रहे मामले 

खाद्य एवं दवा प्रशासन के पूर्व डायरेक्टर डॉ . स्कॉट गोटलिएब ने सीबीएस न्यूज से कहा कि अमेरिका में हर दो सप्ताह में डेल्टा वेरिएंट के मामले दोगुने हो रहे हैं । अमेरिका के जॉर्जिया , अलबामा , वेस्ट वर्जीनिया , मिसीसिपी जैसे दक्षिणी राज्यों में वैक्सीनेशन की दर कम है । 

डॉ . ओस्टरहोल्म का कहना है , हमें सतर्क रहना होगा । जैसा इंग्लैंड में हुआ है , वैसा अमेरिका में भी हो सकता है । बड़ी संख्या में लोगों को वैक्सीन ना लगने से खतरा ज्यादा है । सब कुछ खुला रहा तो हम मार्च 2020 की स्थिति में पहुंच सकते हैं ।

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