Paul Alexander मशीन के अंदर रह कर लिख डाली किताब

पॉल अलैग्जैंडर ( Paul Alexander) एक अमेरिकी लेखक है जो पिछले 60 सालों से एक मशीन के अन्दर बंद रहने को मजबूर है। इन सब परिस्थितियों के बावजूद भी पॉल न

 पॉल अलैग्जैंडर ( Paul Alexander) एक अमेरिकी लेखक है जो पिछले 60 सालों से एक मशीन के अन्दर बंद रहने को मजबूर है। इन सब परिस्थितियों के बावजूद भी पॉल ने Low Education की पढाई के साथ Motivational Book भी लिख डाली। 

पॉल अलैग्जैंडर ( Paul Alexander) एक अमेरिकी लेखक है जो पिछले 60 सालों से एक मशीन के अन्दर बंद रहने को मजबूर है। इन सब परिस्थितियों के बावजूद भी पॉल ने Low Education की पढाई के साथ Motivational Book भी लिख डाली।

इंसान को मुश्किलों से हार नहीं माननी चाहिए और कम से कम उपलब्ध सुविधाओं में भी अपने कर्म करने चाहिएं ।

 कुछ यही प्रेरणा (M otivation) अमरीका का एक व्यक्ति देता है जो गत 60 सालों से एक मशीन के अंदर बंद है और यहीं लेटे लेटे उसने कानून की पढ़ाई भी कर ली और एक प्रेरणादायक किताब ( Motivational Book )भी लिख डाली । 

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दरअसल अमरीकी लेखक पॉल अलैग्जैंडर ( Paul Alexander) को 6 साल की उम्र में ही पोलियो हो गया था । पोलियो की समस्या बढ़ने के साथ ही उनके फेफड़ों में भी दिक्कत होने लगी और सांस लेना भी धीरे - धीरे मुश्किल होने लगा । इसके बाद डाक्टरों के पास उन्हें ' आयरन लंग्स ' ( सांस लेने में मदद करने वाली एक मशीन ) में रखने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं बचा । 

पहले तो डॉक्टरों को उम्मीद थी कि वयस्क होने के बाद उनके फेफड़े काम करने लगेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ । पॉल के लिए ' आयरन लंग्स ' में रहकर हिलना - डुलना भी मुश्किल था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी । मशीन के अंदर रह कर ही उन्होंने कानून पढ़ने के बाद एक खास तरह की अपग्रेडेड व्हीलचेयर की मदद से कुछ वक्त तक वकालत की बाकायदा प्रैक्टिस भी की थी । 

अजब आखिरकार उन्होंने अपनी जिंदगी से जुड़ी किताब लिखने पर ध्यान लगाया और पूरे 8 साल के दौरान की बोर्ड को प्लास्टिक की स्टिक से चलाकर यह किताब तैयार की ।


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