Type Here to Get Search Results !

फूल क्या है?पुष्पों के महत्त्व,भाग, पुष्पों (फूलों ) के चिकित्सकीय उपयोग

फूल के कितने भाग होते हैं ,what is flower,फूल का अर्थ क्या है

फूल क्या है?पुष्पों के महत्त्व,भाग, पुष्पों (फूलों ) के चिकित्सकीय उपयोग 

फूल क्या है?  : फूल या पुष्प पौधों का जनन अंग होता है जिसके माध्यम से नए पौधों का निर्माण होता है। इसके अध्ययन को anthology कहते है ,पेड़-पौधों में पुष्प का प्रमुख्य कार्य प्रजनन के द्वारा फलों का निर्माण करना। इनमे प्रजनन परागण क्रिया के द्वारा होता है जो की कीटपतंगों -मधुमखियों और हवा के द्वारा होता है।

पुष्पों (फूलों)के महत्त्व

फूल कुदरत की एक ऐसी देन है जो धीमी सुगंध ,दिलकस रंगत और उनकी कोमलता हर किसी को मोहित कर देती है,पुष्प प्यार का इजहार कराती है साथ ही ये देवीय शक्तियों को भी लुभाती है।फूल श्रद्धा और भक्ति के प्रतीक होते है , ये कई रंगों के होते है जो हमारी तनमन को शांत करदेती है। इनकी सुगंध चारों और फेल कर एक खुशनुमा वातावरण बना देती है। 

प्राचीनकाल से ही मनुष्य फूलों को अपने सौन्दर्य एवं आभूषणों के रूप में उपयोग करते आया है ,इनका उपयोग धार्मिक ,सांस्कृतिक ,प्रेम अनुराग तथा शोक आदि प्रतीकों के लिए भी उपयोग में लाया जाता है। इनका वर्णन हमारे धर्म ग्रथों,वेदों लोक कथाओं ,कहानियों में विस्तृत वर्णन मिलता है। 

फूल के भाग 

फूलों के निम्न भाग होते है -

बाह्यदलपुंज(calyx)

दलपुंज(पंखुड़ी)(corolla)

पुमग(Androecium)

(1)-पुंकेशर(filament )

(2)-पराग कोश (Anthen )

(3)-पराग कण (Pollan grain )

जयांग (Gynorcium)

(1)-अण्डाशय (ovary)

(2)वर्तिका (style )

(3)-वर्तिकाग्र (stigma)

इनके आलावा इनका प्रयोग चिकित्सकीय पद्यतियों में भी किया जाता है तो आइये जानते है  पुष्पों (फूलों ) के चिकित्सकीय उपयोग -

कमल (Lotus) 

कमल और लक्ष्मी का सम्बन्ध अविभाज्या है । कमल सृष्टि की वृद्धि का द्योतक है । इसके पराग से मधुमक्खी शहद तो बनाती है ही , इनके फूलों से तैयार किये गये गुलकन्द का उपयोग प्रत्येक प्रकार के रोगों में । तथा कब्ज के निवारण हेतु किया जाता है । 

चिकित्सा के क्षेत्र में फूलों का क्या योगदान है?कमल का फूल कौन सा होता है?

कमल के फल के अंदर हरे रंग के दाने - से निकलते हैं , जिन्हें भूनक मखाने बनाये जाते हैं , पंरतु उनको कच्चा छील कर खाने से ओज एवं बल की वृद्धि होती है । इसका गुण शीत है । इसका सबसे अधिक प्रयोग अंजन की भांति नेत्रों में ज्योति बढ़ान के लिए शहद में मिला कर किया जाता है । पंखुड़ियों को पीस कर उबटन में मिला कर चेहरे पर मलने से चेहरे की सुन्दरता बढ़ती है । 

गुलाब (Rose)  

गुलाब का पुष्प सौन्दर्य , स्नेह एवं प्रेम का प्रतीक है । इसका गुलकंद रोचक है , जो पेट और आँतों की गर्मी शान्त करके हृदय को प्रसन्नता प्रदान करता है । गुलाब जल से आँखें धोने से आँखों की लाली तथा सूजन कम होती है ।

गुलाब के फूल से क्या फायदे होते हैं?  गुलाब के फूल के उपयोगगुलाब की सूखी पत्तियों का क्या करें?

गुलाब का इत्र उत्तेजक होता है तथा इसका तेल मस्तिष्क को ठंडा रखता है । गुलाब के अर्क का भी मधुर भोज्य पदार्थों में प्रयोग किया जाता है । गर्मी में इसका प्रयोग शीतवर्द्धक होता है । 

गेंदा (Marigold)

गेंदा का फूल खाने से क्या होता है? , marigold flower

मलेरिया के मच्छरों का प्रकोप दूर करने के लिये यदि गेंदे की खेती गंदे नालों और घर के आस - पास की जाये तो इसकी गन्ध से मच्छर दूर भाग जाते हैं । लीवर के रोगी के लीवर की सूजन , पथरी एवं चर्म रोगों में इसका प्रयोग किया जा सकता है । 

रात की रानी (Nigth bolooming flower)

इसकी गन्ध इतनी तीव्र होती है कि यह दूर - दूर तक के स्थानों को मुग्ध कर देती है । इसका पुष्प प्रायः सायंकाल से लेकर अर्ध रात्रि के कुछ पूर्व तक सुगन्ध अधिक देता है , परंतु इसके बाद धीरे - धीरे क्षीण होने लगता है । इसकी गन्ध से मच्छर नहीं आते । इसकी गन्ध मादक और निद्रादायक है । 

सूरजमुखी (Sunflower)

इसमें विटामिन ए तथा डी होता है । यह सूर्य का प्रकाश न मिलने के कारण होने वाले रोगों को रोकता है । इसका तेल हृदय रोगों में कोलेस्ट्राल को कम करता है । 

बबूल ( कीकर ) (acacia) 

बबूल के फूलों को पीस कर सिर में लगाने से सिर दर्द गायब हो जाता है । इसका लेप दाद और एग्जिमा पर करने से चर्मरोग दूर होता है । 

बबूल का पेड़ ,बबूल की फली खाने से क्या लाभ होता है?  बबूल की फली कब लगती है?    बबूल की पत्ती खाने से क्या होता है?  बबूल का पेड़ कौन सा है?

इसके अर्क के सेवन से रक्त विकार दूर हो जाता है । यह खाँसी और श्वास के रोग में लाभकारी है । इसके कुल्ले दन्त क्षय को रोकते हैं ।

 नीम - 

इसके फूलों को पीस कर लुगदी बना कर फोड़े - फुसी पर लगाने से जलन तथा गर्मी दूर होती है । शरीर पर मल कर स्नान करने से दाद दूर होता है । यदि फूलों को पीस कर पानी में घोल कर छान ले और इसमें शहद मिला कर पीयें तो वजन कम होता है तथा रक्त साफ होता है । 

नीम के फायदे, सुबह नीम की पत्ती खाने के फायदे , neem

यह संक्रामक रोगों से रक्षा करने वाला है । नीम हर प्रकार से उपयोगी है , इसे घर का वैद्य कहा जाता है ।

अमलतास(Amaltas)

ग्रीष्म ऋतु में फूलने वाला गहरे पीले रंग के गुच्छेदार पुष्पों का यह पेड़ दूर में देखने में ही आँखों को प्रिय लगता है ।

इसके फूलों का गुलकन्द बना कर खाने से क़ब्ज दूर होती है , परंतु अधिक मात्रा में सेवन करने से यह दस्तावर होता है , जी मिचलाता है एवं पेट में ऐंठन उत्पन्न करता है । 

अनार - 

शरीर में पित्त होने पर अनार के फूलों का रस मिस्री मिला कर पीना चाहिये । मुँह के छालों में फूल रख कर चूसना चाहिये । आँख आने पर कली का रस आँख में डालना चाहिये ।

Thanks for visiting Khabar daily update. For more लाइफस्टाइल, Click Here.

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Hollywood Movies