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ज्ञान हासिल करना सही मायनों में सीखना नहीं है

शुक्रवार, सितंबर 24 | सितंबर 24, 2021 WIB Last Updated 2022-04-04T17:44:22Z

Gaining Knowledge:  क्या मस्तिष्क के लिए सीखना संभव है ? What is learning? अधिकांश लोगों के लिए सीखने का अर्थ होता है Learning। रूसी भाषा का ज्ञान मुझे नहीं है , पर मैं वह भाषा सीख लूंगा । यदि मैं पीछे पड़ जाऊं तो लगभग कोई भी Language एक निश्चित समय में सीख सकता हूं । 

ज्ञान हासिल करना सही मायनों में सीखना नहीं है

ज्ञान हासिल करना सही मायनों में सीखना नहीं है

हमारे लिए सीखने का मुख्य अर्थ है Knowledge या Skill का Storage। हमारे मस्तिष्क इसी ढांचे में संस्कार बद्ध हैं । पहले ज्ञान संचय कीजिए और फिर उस पर आधारित कर्म । ज्ञान - संचय की क्रिया से भिन्न क्या सीखने की कोई अन्य विधा संभव है ? Experience से हम ज्ञानार्जन करते हैं , ज्ञान से स्मृति उत्पन्न होती है , स्मृति का प्रत्युत्तर है विचार , उस विचार से कर्म का जन्म होता है , और उस कर्म से आप और सीखते हैं ; इस प्रकार यह चक्र चलता रहता है । 

यही है हमारे जीवन का ढर्रा । इससे हमारी समस्याएं कदापि हल नहीं होंगी । यह तो यांत्रिक पुनरावृत्ति है । हम अधिक ज्ञान अर्जित करते हैं , यह सोचकर कि वह बेहतर कर्म की ओर ले जाएगा , परंतु वह कर्म भी सीमित ही होता है और इस प्रकार हम पुनरावृत्ति करते जाते हैं । ऐसे ज्ञान से उत्पन्न कोई भी क्रिया हमारी मानवीय समस्याओं का समाधान कतई नहीं कर पाएगी । 

तो क्या सीखने का कोई और ढंग संभव है ? जानकारी के संदर्भ में सीखना नहीं , बल्कि एक पूर्णतया भिन्न प्रकार से सीखना ? लाखों वर्ष बीतने के बाद भी हम अपनी समस्याओं को हल नहीं कर पाए हैं , एक - दूसरे के साथ Competition में लगे हुए हैं , एक दूसरे से घृणा करते हैं । 

सही मायनों में सीखने के लिए पूर्वाग्रह न रखें । आपके पास यदि पहले से ही कोई Conclusion है , विश्वासों का , अवधारणाओं का , तो पूर्वाग्रह सीखने में रुकावट बन जाएंगे । महत्त्व पूर्वाग्रह का नहीं , बल्कि स्पष्टता से देखने की आवश्यकता का है । ' सोच क्या है से साभार '

अपने लिए बेहतरीन जिंदगी का ब्लूप्रिंट बनाना भी एक कला है.

अपनी बकेट लिस्ट अभी बनाएं ... 

क्या जरूरत है कि हम तब तक इंतजार करें , जब बहुत देर हो जाए ? आप जो कुछ करना चाहते हैं , उसकी सूची बनाएं । सूची को नियमित टिक करते रहें । अगर आप समय - समय पर अपनी सूची में शामिल कुछ बातों पर टिक का निशान नहीं लगा पा रहे हैं तो सबकुछ ठीक नहीं है । खुद ही नहीं , औरों की भी खुशियों को सोचकर लिस्ट बनाएं । अपने लिए बेहतरीन जिंदगी का ब्लूप्रिंट आपको ही बनाना है । जीवन में हम जीने को सबसे कम जरूरी काम मानते हैं और उसे हमेशा स्थगित करते रहते हैं । जबकि उससे जरूरी और क्या हो सकता है ? 

प्लान बनाएं , अपनी प्रगति जांचते रहें ... 

अगर आपको लगता है कि बकेट लिस्ट बनाकर काम पूरा हो गया तो आप भूल कर रहे हैं । यह तो सबसे आसान काम था । चुनौती अब शुरू होती है कि आप इसे एग्जीक्यूट कैसे करेंगे । एक एक्टिव प्लान बनाएं । वह काम नहीं करे तो दूसरा तैयार करें । समय - समय पर अपनी प्रोग्रेस देखते रहें । चीजों को उतने ही प्रोफेशनल तरीके से डील करें , जैसे जॉब में करते हैं ।

ट्रैवल करें , खुद को एक्सपोजर दें ...

 फिल्म के दोनों मुख्य पात्रों ही नहीं , हम सब की बकेट लिस्ट में ट्रैवलिंग सबसे ऊपर होगी , जिसे हम जीवन की व्यस्तताओं ' के चलते टालते रहते हैं । फिल्म कहती है , इसे और मत टालें । अफ्रीका सफारी पर जाएं , पिरामिडों को देखें । घर से निकल पड़ें । 

एडवेंचरस बनें , नई चीजें आजमाकर देखें ...

 जब आप एडवेंचरस होते हैं तो अपने भीतर खुशी के नए स्रोतों की तलाश करते हैं । आप औरों के लिए भी एक खुशनुमा अहसास साबित होते हैं । नई चीजें ट्राय करें , अपना नया एक्स फैक्टर खोज निकालें । बेहतरीन यादों का गुलदस्ता सजाएं ... -

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