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इस साल खर्च नहीं आमदनी बढ़ाएं

Increase Income not Spend: महिलाओं को Homemaker कहा जाता है , क्योंकि वह घरसंसार संभालती है . पति , किचन और बच्चों की जिम्मेदारी के साथ-साथ घर का बजट

Increase Income: महिलाओं को Homemaker कहा जाता है , क्योंकि वह घरसंसार संभालती है . पति , किचन और बच्चों की जिम्मेदारी के साथ-साथ घर का बजट भी देखती है . पर क्या यह सब इतना आसान है ? 

बढ़ती महंगाई के इस दौर में माह की पहली तारीख को मिला वेतन 20 वीं तारीख आते-आते कब मुट्ठी से रेत की तरह फिसल जाता है , पता ही नहीं चलता . और फिर शुरू होता है वही , रात-दिन पैसों की चिकचिक और तंगी का आलम ...यहाँ हम आपको महिलाएं खर्च नहीं आमदनी कैसे बढ़ाएं ? के कुछ Tips Share कर रहे है-

खर्च नहीं आमदनी बढ़ाएं , खर्च नहीं आमदनी बढ़ने के तरीके

खर्च नहीं आमदनी बढ़ाए

 बेवजह के खर्च: जाने-अनजाने हम बहुत से ऐसे खर्च करते हैं जिन की कोई उपयोगिता ही नहीं . 

दूसरे से होड़: पड़ोसिन ने नई बनारसी साड़ी ली तो भला मैं कैसे पीछे रहूं ? भल्लाजी ने वाइफ को गोल्ड का मोटा नेकलेस गिफ्ट दिया है तो क्या मेरे पति नहीं दे सकते ? ऐसी सोच के साथ बेवजह अपना बजट बिगाड़ती हैं

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दिखावे के लिए: 4 औरतों के बीच सिर फख्र से तन जाए महुल्ले के लोग हम से जलें इस तरह की झूठी शान की खातिर ज्यादा महंगी चीजें खरीद कर क्या आप रुपए बरबाद नहीं कर रहीं ? 

खुले हाथ खर्च: कुछ लोगों की फितरत ही होती है , खुले हाथ खर्च करना , कभी बाहर लंच तो कभी किटी पार्टी और शौपिंग के बहाने बेजरूरत रुपए उड़ाना.

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रिश्तेदारी निभाना: समाज में रहने के लिए सोशल बनना जरूरी है. पर इस की आड़ में रुपए उड़ाने के नए बहाने ढूंढ़ना क्या जायज है ?

धार्मिक पाखंड: अकसर धर्मभीरू महिलाएं वेतन का एक बड़ा हिस्सा पंडेपुजारियों और धर्मगुरुओं के चरणों में चढ़ा देती हैं. कभी धार्मिक अनुष्ठान तो कभी शनि और मंगल का चक्कर ऐसे में उन के बजट का दीवाला बड़ी आसानी से निकलता है. 

आकस्मिक जरूरत: कोई नहीं कह सकता कि कब हालात बदलें और अचानक काफी रुपयों की जरूरत पड़ जाए . फिर किस के पास मांगने जाएंगी आप ? मंदी ही लीजिए ,कौन जाने ,अचानक कहीं आप के पति की या आप की नौकरी चली जाए. फिर क्या कोई और साथ देगा ? ऐसे में यदि कुछ रुपए रख छोड़े हैं तो वही काम आएंगे . 

शारीरिक तकलीफ: अचानक कोई बड़ी बीमारी ,दुर्घटना ,आपरेशन की स्थिति में रुपयों की जरूरत सब से पहले पड़ती है . 

भविष्य सुरक्षित रखने के लिए: बिटिया की शादी हो, बच्चों की पढ़ाई या फिर बुढ़ापे का शरीर, खर्च कम , आमदनी ज्यादा रखेंगे तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा . 

महंगाई के साथ चलने के लिए: बढ़ती महंगाई में मध्यवर्गीय परिवार के लिए घर का खर्च चलाना आसान नहीं . जरूरी चीजें खरीदनी हों और आप मन मसोस कर रह जाएं , ऐसी स्थिति से बचना है तो बेकार के खर्च कम कर आय बढ़ाने के तरीके ढूंढें . 

हौबी को पेशा बना कर: राइटिंग , सिंगिंग , डांसिंग , पेंटिंग जैसी कितनी ही हाबीज हैं , जिन्हें आप आय का साधन बना सकती हैं . 

साइड बिजनेस शुरू कर के: डिग्री , हुनर या संपत्ति ,जो भी आप के पास है ,उस का प्रयोग कर साइड बिजनेस शुरू किया जा सकता है , जमीन है तो क्रेच ,बुटीक , कोई एजेंसी , मैरिज ब्यूरो ,स्कूल वगैरह खोल लें . डिग्री है तो घर में ही उस से कोई बिजनेस चालू करें ,स्वादिष्ट खाना बनाने का हुनर है तो टिफिन सप्लाई कर सकती हैं ,अपना रेस्तरां खोल सकती हैं . 

कोई और पार्ट टाइम जौब भी कर सकती हैं . खाली वक्त में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना भी अच्छा विकल्प है . कंप्यूटर घर में है तो घर से ही कई तरह के काम किए जा सकते हैं . 

पति के बिजनेस में सहयोग: पति के साथ काम कर के भी आप आमदनी बढ़ा सकती हैं. दिल्ली की मीरा जैन कहती हैं , " शुरू से मुझे फैशन ट्रेंड की अच्छी नौलेज रही है . मैं अपने कपड़े खुद डिजाइन करती थी . शादी हुई एक बिजनेसमैन से , जिन की थोक कपड़ों की दुकान थी .बस ,फिर क्या था ,मैं ने इन के साथ काम शुरू किया और इन की दुकान में अपने डिजाइन किए सूट भी रखने लगी . बिक्री बढ़ी तो 2-4 हेल्पर रख लिए . जाहिर है , उसी दुकान से आज हमारी आमदनी दोगुनी हो चुकी है . " 

खर्च करने से पहले सोचें: महीने का बजट पहले से बना कर रखें . बजट इस तरह बनाएं कि वेतन का तीनचौथाई हिस्सा ही इस में खर्च हो . बाकी रुपए बचत खाते में डालें . 

बजट के अनुरूप ही खर्च करें: कोई भी खर्च करने से पहले विचार करें कि क्या यह खर्च जरूरी है ? क्या इस के बगैर काम नहीं चल सकता ? यदि सिर्फ ऐशोआराम या जीभ के स्वाद का सवाल है तो उसे टालें . 

इनकम बढ़ाने पर: यदि किसी भी रूप में , आप की इनकम बढ़ गई है , तो यह बात घर में न बताएं . इस बढ़ी इनकम को चुपचाप बचत खाते में डालती जाएं . फिर देखें , रुपए कितनी तेजी से जमा होते हैं . 

जरूरी खर्च: उन मदों पर ज्यादा खर्च करें . जिन से आप की काबिलियत बढ़ती है या जो भविष्य में इनकम का साधन बन सकते हैं . 

बच्चों को प्रेरित करेंबच्चों उन में शुरू से रुपए बचाने की आदत डालें . उन्हें पार्टटाइम जौब करने की राह दिखाएं , पति को गैरजरूरी खर्च करने से रोकें .

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