स्वस्थ शरीर और मन के लिए योग और उनके लाभ

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Yoga Benefits IN HINDI ,योगासन से लाभ,योग क्या है, लाभ, नियम, प्रकार और योगासन

Yoga Benefits: शरीर को स्वस्थ और निरोगी रखने के लिए आदिकाल से ही हमारे ऋषि-मुनियों ने योग(yoga)आधार बनाया है। योग करने वाले व्यक्ति अन्य लोगों की तुलना में अधिक स्वस्थ रहते हैं। शरीर को भीतर से स्वस्थ व अंगों की आंतरिक बनावट को सेहतमंद बनाने का मार्ग  योग है । इसकी मदद से रोग स्वतः मार्ग छोड़ देते हैं ...

 शरीर को योग साधता है

आपने कभी ना कभी रस्सी पर चलते नट देखे होंगे । संतुलन और ध्यान के साथ शरीर के लचीलेपन का जबर्दस्त प्रदर्शन हम कलाबाजियों के करतबों में देखते हैं । छरहरे और सधे हुए शरीर के मालिक होते हैं इनको करने वाले , जो योगासन के सिद्धांतों जैसा ही अभ्यास करते हैं अर्थात खिंचाव के व्यायाम द्वारा पेशियों में लचक पैदा करना ।

 अक्सर यह प्रश्न किया जाता है कि चंद सेकंड या मिनट के योगासन भला लाभप्रद कैसे हो सकते हैं ? योगासन में शरीर के भिन्न - भिन्न अंगों और अवयवों की मांसपेशियों और स्नायुओं में खिंचाव पैदा किया जाता है , बस चंद मिनटों के लिए ही । इस प्रकार के खिंचाव से पहले तो अंग विशेष की पेशियों की रक्तवाहिनियों में खून कम होता है और फिर खिंचाव जब हट जाता है , तो वहां अधिक रक्त आता है , जिससे उस स्थान या अंग को अच्छा पोषण मिलता है । देखते हैं , चंद आसान से योगासन जिनका अभ्यास अगर हर दिन महज आधे घंटे के लिए भी कर लिया जाए , तो सेहत की और मजबूत कदम उठाए जा सकते हैं । 

ताड़ासन 

इस आसन की स्थिति ताड़ - खजूर - नारियल के पेड़ जैसी होने के कारण इसे ताड़ासन कहते हैं । 

कैसे करना है ... 

बिलकुल सीधे खड़े हो जाएं । दोनों पैर मिले हुए हों । दोनों भुजाओं को ऊपर की ओर उठाएं । हाथ एकदम सीधे और खिंचे हुए रखें । अब सांस लेते हुए , पंजों के बल उठें और इस स्थिति में सांस को चंद सेकंड रोकें और हाथों को ऊपर की ओर इस तरह खींचने का प्रयास करें जैसे आप छत को छूना चाहते हैं । फिर श्वास छोड़ते हुए पुनः पंजों को सामान्य स्थिति में ले आएं । इसका अभ्यास अच्छी तरह हो जाए , तो पंजों के बल चलने की भी कोशिश करें । 

लाभ क्या मिलते हैं ... 

इस आसन से पैरों , हाथों , कमर , पेट व सीने की मांसपेशियों में खिंचाव आता है , जिससे इन अंगों में रक्तसंचार बेहतर होता है । आलस्य दूर होकर स्फूर्ति आती है । पेट का भारीपन दूर होता है । स्त्रियों के लिए यह आसन बहुत ही लाभप्रद है । 

पर्वतासन 

इसे करते समय हाथों की उंगलियां पर्वत की चोटी जैसी लगती हैं , इसलिए इसे पर्वतासन कहा जाता है । 

कैसे करना है .... 

जमीन पर बैठकर पद्मासन लगाएं । या पालथी लगाकर  भी बैठ सकते हैं । उसके पश्चात सांस भर कर दोनों हाथों को आकाश की ओर तानें । सामान्य अवस्था में जितने समय सरलता से सांस रोक सकें , रोकें । उसके बाद धीरे - धीरे सांस छोड़ते हुए हाथ घुटनों पर रख लें । पद्मासन में बैठे हों , तो दोनों पैरों को बदलते रहें । 

लाभ क्या मिलते हैं 

इस आसन से शरीर बलशाली बनता है । दिल और फेफड़े मजबूत होते हैं । ख़ून साफ़ होता है । फेफड़ों के विकार दूर हो जाते हैं । सांस के रोगियों को इस आसन को करने से राहत मिलती है ।

महावीरासन 

इस आसन से महावीर हनुमान जी के शरीर की अवस्था बनती है , इसलिए इस आसन को महावीरासन कहा जाता है । 

कैसे करना है ... 

सीधे खड़े होकर सांस लें और फिर सांस को रोकते किसी भी एक पैर को लगभग दो फुट आगे बढ़ाएं । दोनों हाथों को मुट्ठियां बांधकर चित्रानुसार हवा में उठाएं । सांस छोड़कर दूसरे पैर से ऐसा करें । धीरे - धीरे पैरों को आगे - पीछे करने की गति को बढ़ा सकते हैं । 

लाभ क्या मिलते हैं ... 

इस आसन से शरीर मजबूत बनता है । सीने की मांसपेशियां स्वस्थ होती हैं । कमर पतली होती है और पेट हल्का होता है । 

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