motivational thought: भूल को सही साबित करने की बजाय उसे स्वीकार करिए

0

 भूल को सही साबित करने की बजाय उसे स्वीकार करिए

motivational thoughts , positive thoughts ,Instead of justifying the mistake, admit it

Motivational Thought: भूल को सही साबित करने की बजाय उसे स्वीकार करिए । उसका औचित्य सिद्ध करना बहुत सतही है , क्योंकि यह अपराधबोध को नहीं हटाता । अपने अपराधबोध के साथ सौ प्रतिशत रहिए , तब वह पीड़ा एक ध्यान की तरह बन जाएगा । और आपको अपराधबोध भी खत्म हो जाएगा । 

भूल करने वाले एक व्यक्ति से आप कैसे पेश आते हैं ? उसे उसकी भूल के बारे में मत बताएं , जो कि वह पहले से ही जानता है । न ही उसे अपराधी , रक्षात्मक या विद्वेषपूर्ण महसूस कराएं । क्योंकि इससे और अधिक दूरी कायम होगी । केवल उसी व्यक्ति को भूल की ओर ध्यान दिलाएं जो कि उससे अनभिज्ञ है पर जानने का इच्छुक है । बहुत  लोगों को पता होता है कि उन्होंने क्या भूल की है,पर वे नहीं चाहते कि कोई उनका ध्यान इस ओर दिलाए । 

दूसरों की भूलों के पीछे अभिप्राय मत देखिए । जब कोई कुछ गलत करता है तो अक्सर हम सोचते हैं कि ऐसा उसने जानबूझकर किया । लेकिन एक विशाल दृष्टिकोण से देखने पर हम पाते हैं कि एक अपराधी वस्तुतः स्वयं एक शिकार भी है । एक प्रबुद्ध व्यक्ति दूसरों में सिर्फ गलतियां नहीं देखता , वह करूणा के साथ उन्हें उन भूलों से उबरने में सहायता करता है । लेकिन एक मूर्ख दूसरों की भूलों पर खुश होता है और सारे संसार के समक्ष उसकी सगर्व घोषणा करता है । एक बुद्धिमान व्यक्ति सदैव दूसरों की प्रशंसा करता है । 

आत्मा का उत्थान करना विवेक है । जब आप केन्द्रित होते हैं , तब हमेशा अपने चारों ओर सभी का उत्थान करने के लिए तत्पर रहते हैं । अपने मन को सहेजें । जब मन स्थापित होता है तब आप चाहो तो भी गलत नहीं कर सकते । आत्मज्ञान से भय , क्रोध , अपराधबोध , अवसाद जैसी सभी नकारात्मक भावनाएं खत्म हो जाती हैं । -

Thoughts of the day 

बच्चे रंग भरने की किताब नहीं होते , आपको उनमें अपने पसंदीदा रंग भरने की जरूरत नहीं है । - खालिद हुसैनी , अफगानी - अमेरिकी लेखक 

दुनिया में एक ही पाप है , चोरी । जब आप झूठ बोलते हैं तो किसी के सच जानने के अधिकार को चुरा लेते हैं । 

आज का पॉजिटिव चैलेंज Today's Positive Challenge

छोटे - छोटे उद्देश्य बनाएं 

 बड़ा लक्ष्य हासिल करना पहाड़ चढ़ने - सा मुश्किल होता है । ऊपर से मोटिवेशन भी जवाब दे जाता है । दुनिया के विख्यात लाइफकोच सुझाव देते हैं कि छोटे - छोटे उद्देश्य बनाइए और उनको लेकर स्पष्ट रहिए । जैसे तय करें कि वॉक करने के दौरान आसपास की हरियाली को देखेंगे । या खाना खाते हुए सिर्फ खाने को महूसस करेंगे , फोन - टीवी नहीं देखेंगे । लोगों से मुस्कुराकर बात करेंगे । ये छोटे उद्देश्य मुश्किल नहीं होते और मोटिवेशन का काम भी करते हैं ।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top