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हृदय रोग :लक्षण, कारण, प्रकार, खानपान, उपचार के तरीके

हृदय रोग ( दिल की बीमारी ): भारत में ज्यादातर लोगों की मौत का कारण बन गया है । एक अध्ययन के अनुसार 1000 लोगों में से 272 लोगों की मौत दिल की बीमारी ( Heart Disease ) से हो जाती है और यह आंकडे अगले 26 सालों में दोगुणा हो सकते हैं । यह आंकडे ह्दय रोग की स्थिति को व्यक्त करने के लिए काफी हैं । इसी कारण लोगों को हार्ट अटैक की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए ताकि वे समय रहते इस समस्या से बच सकें और बेहतर जिदगी जी सके ।

हृदय रोग :लक्षण, कारण, प्रकार, खानपान, उपचार के तरीके

हृदय रोग :लक्षण, कारण, प्रकार, खानपान, उपचार के तरीके

Heart Disease: दिल की बीमारी से तात्पर्य ऐसी समस्या से है , जो दिल को प्रभावित करती है । दिल की बीमारी को कोरोनरी धमनी रोग ( Coronary Artery Disease ) से जोड़कर देखना पूरी तरह से गलत है । बल्कि दिल की बीमारी में कई सारी समस्याएं होती हैं। तो आइये जानते है -हृदय रोग (दिल के बीमारी):लक्षण, कारण, प्रकार, खानपान, उपचार के तरीके के बारे में -

यह भी पढ़ें Heart Disease (दिल को खतरा): शरीर के 5 संकेत जो आपको जानने चाहिए

हृदय रोग (दिल के बीमारी):लक्षण, कारण, प्रकार, खानपान, उपचार के तरीके

हृदय रोग प्रकार Heart Disease Type

यदि कोई व्यक्ति इन में से किसी भी बीमारी से पीड़ित होता है , तो उसे दिल का मरीज माना जाता है । दिल की बीमारी मुख्य रूप से 4 प्रकार की होती है : 

  • कोरोनरी आर्टरी डिजीज- यह हृदय रोग का सामान्य प्रकार है , जिसे आम भाषा में कोरोनरी धमनी रोग के नाम से जाना जाता है । 
  • दिल का दौरा ( Heart Attack ) पड़ना- यह सबसे जान - मानी बीमारी है , जिससे अधिकांश लोग पीड़ित होते हैं । - 
  • दिल का खराब ( Heart Failure ) होना- जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है , यह ऐसी दिल की बीमारी है , जिसमें दिल सही तरह से काम करना बंद कर देता है । 
  • दिल की धड़कनों का अनियमित रूप से चलना कई बार दिल की धड़कने धीमे या फिर तेज गति से चलने लगती है , इसे भी दिल की बीमारी के रूप में परिभाषित किया जाता है ।

हृदय रोग के कारण Due to Heart Disease

हार्ट की बीमारी के क्या लक्षण है?  , हार्ट अटैक आने से पहले क्या संकेत देता है?  ,  हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करे?

दिल की बीमारी होने के मुख्य रूप से ये 5 कारण हो सकते हैं :-

  • उच्च रक्तचाप ( High Blood Pressure ) : जिस व्यक्ति को उच्च रक्तचाप ( High Blood Pressure ) की समस्या होती है , उसे दिल की बीमारी हो सकती है । 
  • धूमपान करना - यदि आप धूमपान करते हैं , तो आपको दिल की बीमारी हो सकती है । 
  • डायबिटीज का होना- जो व्यक्ति डायबिटीज से पीड़ित होता है , उसे हृदय रोग होने की संभावना अधिक होती है । अधिक वजन होना- दिल की बीमारी उस व्यक्ति को भी हो सकती है , जिसका अधिक वजन होता! 
  • हालांकि , वे बेरियाट्रिक सर्जरी या लिपोसक्शन सर्जरी के द्वारा अधिक वजन की समस्या से छुटकारा पा सकता है । 
  • तनाव का होना- Heart Disease का मुख्य रूप कारण अधिक मात्रा में तनाव लेना है । इसी कारण जितना हो सके उतना तनाव से बचना चाहिए ।

हार्ट की बीमारी के क्या लक्षण है? ,हार्ट अटैक का दर्द कहाँ होता है? ,

 हृदय रोग के लक्षण Symptoms of Heart Disease

  • दिल की बीमारी किसी भी व्यक्ति को हो सकती है , इसलिए उसे इन 5 लक्षणों को नज़रदाज नहीं करना चाहिए । - 
  • सीने में बेचैनी होना- यह हृदय रोग का सामान्य लक्षण है , जो अधिकांश लोगें में देखने को मिलती है । 
  • जी मचलाना , बदहजमी या पेट में दर्द होना कई बार कुछ लोगों में जी मचलाने , बदहजमी ( Indigestion ) या पेट में दर्द होने इत्यादि की समस्या होती है , ये दिल की बीमारी के लक्षण हो सकते हैं । -
  •  बांह में दर्द होना- कुछ लोगों में दर्द इतना हो जाता है कि वह बांह तक पहुंच जाता है । यह ह्रदय रोग का संकेत हो सकता है । - 
  • पसीना आना- दिल की बीमारी में कुछ लोगों को अधिक मात्रा में पसीना आता है । -
  •  सांस लेने में तकलीफ होना- हृदय रोग की समस्या होने पर लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है ।

खान - पान से दूर भगाएं दिल के रोग 

आज की भागमभाग भरी जिंदगी में समय किसके पास है , जिसे देखो बस भागा ही जा रहा है , एक अंधी दौड़ लगी हुई है । लेकिन इस भागमभाग में हम अपनी सेहत का ध्यान रखना ही भूल गए है , व्यस्तताएं इतनी बढा ली हैं कि खाना बनाने का समय भी नही रहा । रेस्तरां में खाना खाने का कल्चर बढ़ता जा रहा है । 

लेकिन इसके दुष्परिणाम बड़े गंभीर नजर आ रहे है । इसका एक ही कारण है और वो है- हमारा खान - पान और खराब होती जीवनशैली । डॉ के अनुसार आज हमने अपनी गलत आदतों की वजह से अपने जीवन में इतना तनाव भर लिया है कि रोगों ने हमें चारों ओर से घेर लिया है । 

दिल के रोगों के बढ्ने के कारण लोगों ने शारीरिक कार्य करने कम कर दिए हैं , कसरत नहीं करते , बाहर का जंक फूड , ज्यादा तले और चिकनाई युक्त भोजन खाने , धुम्रपान , स्थिर जीवनशैली आदि से दिल की बीमारियां अब छोटी उम्र के लोगों में भी तेजी से पांव पसार रही है । 

दिल के रोगों से बचने के लिए निश्चित ही हमें अपनी जीवनशैली में तुरंत बदलाव लाने की जरूरत है । इसके लिए तनाव को कम करने वाले व्यायम करें , शारीरिक काम जरूर करें , सुबह सैर अवश्य करें , कसरत करेंऔर सब से जरूरी बात- जो लोग धुम्रपान करते हैं , तुरंत इसको त्याग दें । 

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दिल की बीमारी के उपचार के तरीके Methods of treatment of heart disease

ज्यादातर लोग दिल की बीमारी को एक लाइलाज बीमारी समझते हैं , इसी कारण वे इससे निजात नहीं पा पाते हैं । लेकिन यदि उन्हें यह पता हो कि किसी भी बीमारी की तरह दिल.की बीमारी का भी उपचार संभव है , जिसे इन 5 तरीकों से किया जा सकता है , तो शायद वे भी बेहतर जिदगी जी सकतेः 

व्यायाम करनाः यह ह्रदय रोग का इलाज करने का सबसे सामान्य तरीका होता है , जिसके काफी अच्छे परिणाम होते हैं । 

दवाई लेनाः डॉक्टर दिल के मरीज को दवाई भी देते हैं । ईसीजी या ब्लड टेस्ट करानाः हृदय रोग से निजात पाने में कुछ टेस्ट जैसे ईसीजी या ब्लड टेस्ट कारगार साबित होते हैं । 

डाइट प्लान बनानाः कई बार डाइट प्लान में बदलाव करके में दिल की बीमारी का इलाज किया जा सकता है । 

सर्जरी करानाः जब किसी व्यक्ति को किसी भी तरीका से आराम नहीं मिलता है , तब डॉक्टर उसे सर्जरी कराने की सलाह देते हैं । 

हृदय रोग का इलाज कोरोनरी इंजियोग्राफी , पंजियोप्लास्टी या बाईपास सर्जरी के द्वारा किया जा सकता है ।

कैसे बढ़ती जाती है दिल की बीमारी , 6 स्टेज से समझिए 

यूं बढ़ती है दिल की बीमारी

1 ) इस्कीमिक हार्ट डिजीज- धमनियों में प्लैक ( वसा की परत ) जमा होने लगता है । यह कोलेस्ट्रॉल की वजह से जमता है । हार्ट की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं । खून का प्रवाह कम हो जाता है ।

2 ) एन्जाइना प्लैक की वजह से हार्ट की मसल्स में दर्द होने लगता है । यह अटैक की चेतावनी भी हो सकती है । जीवन शैली में परिवर्तन करके इस स्थिति को संभाला जा सकता है । 

3 ) मायोकार्डिअल इंफार्शन इस स्थिति में हार्ट में खून का प्रवाह बाधित होता है । रक्त वाहिकाओं में ब्लड क्लॉट बनने लगता है । ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित होने लगता है । जरूरी कोशिकाएं मरने लगती हैं । जितनी ज्यादा कोशिकाएं मृत होंगी , उतना तीव्र हार्ट अटैक हो सकता है । 

4 ) एट्रियल फिब्रिलेशन इस स्थिति में धड़कनें असामान्य , अनियमित हो जाती हैं । हार्ट फेल होने और कार्डियक अरेस्ट का यह मुख्य कारण बनती है । 

5 ) हार्ट फेल हार्ट पर सूजन आ जाती है । इससे वह जरूरत के मुताबिक ब्लड पंप नहीं कर पाता । इस स्थिति से हार्ट अटैक होता है ।

6 ) कार्डियक अरेस्ट हार्ट अटैक अगर कार्डियक अरेस्ट में 

बदल जाए तो हार्ट ब्लड पंप करना पूरी तरह बंद कर देता है । कृत्रिम रूप से सांस न दी जाए या छाती को पंप करते हुए मुंह से सांस न दी जाए तो शरीर के अंग और टिश्यू काम करना बंद कर देते हैं । मौत हो जाती है

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