Subscribe to my Youtube Channel Click Here Subscribe Also !

इस साल किन आदतों को साथ लेकर चलें और क्या करें कि अपने संकल्प कायम रख सके

नव वर्ष में इन आदतों को भी साथ लेकर चलें ,अच्छी आदतें जीवन को थोड़ा और बेहतर बना देती हैं । इनमें से कुछ आदतों को नए साल में अपने लिए चुन लें। और क्या
Santosh Kukreti

New Year में इन आदतों को भी साथ लेकर चलें ,अच्छी आदतें जीवन को थोड़ा और बेहतर बना देती हैं । इनमें से कुछ आदतों को नए साल में अपने लिए चुन लें। और क्या करें कि अपने संकल्प कायम रख सकें नए साल की शुरुआत में नए संकल्प लेने के बारे में विचार कर रहे हैं 

तो ऐसा क्या करें कि आप अपने रिजॉल्यूशन एक या दो महीने में भूल न जाएं, बल्कि उन पर अमल करते रहें । आपके रिजॉल्यूशन केवल जनवरी तक सीमित न हों बल्कि उसके बाद भी बने रहें । 

नव वर्ष में इन आदतों को भी साथ लेकर चलें ,अच्छी आदतें जीवन को थोड़ा और बेहतर बना देती हैं । इनमें से कुछ आदतों को नए साल में अपने लिए चुन लें। और क्या करें कि अपने संकल्प कायम रख सकें

What Habits to Carry With You This Year

Decide the Best Time of Day

वह कौन सा समय है जब आप सबसे ज्यादा खुश रहते हैं ? तय करें और अपने फेवरेट समय पर खुद को फ्री रखें । सर्वश्रेष्ठ समय पर अपने पसंद के काम करना सेल्फ केयर का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है । 

Read More:  Ashish Vidyarthi: उम्मीदों की खिड़कियां हमेशा खुली रखें

Enjoy Exercise Snacks

शोध बताते हैं केवल कुछ मिनट के लिए एक्सरसाइज के शॉर्ट्स लगाने से सेहत में सुधार होता है । जैसे , आप नट्स या चिप्स की स्नैकिंग करते हैं वैसे ही दिन में एक्सरसाइज स्नैकिंग करें । दस वॉल पुश अप्स को गो - टू स्नैक बना लें । 

फोटो के जरिए आभार व्यक्त करें 

अगर आप प्रैटिट्यूड जर्नल नहीं लिखते हैं तो दिन में जो खास हुआ है उसका फोटो लें । अब इस फोटो को देखकर आभार व्यक्त करें । इसे ' सेवरिंग ' कहते हैं । साइंटिस्ट बताते हैं कि ऐसा करने से हमारी खुशी बढ़ती है । 

Read More: Ashish Vidyarthi: हम रोजाना थोड़ा-थोड़ा बदलते हैं

भावनाओं की एक सूची बना लें 

सुबह उठकर खुद से पूछें आप कैसा महसूस कर रहे हैं । जैसा भी महसूस कर रहे हैं उसे नाम दें । ऐसा करने से तनाव कम होता है । बच्चों से भी इस बारे में पूछ सकते हैं । आप इसे फन फैमिली रुटीन भी बना सकते हैं । 

आदत बनाने के आसान तरीके ढूंढें 

हैबिट फॉर्मेशन की साइंटिफिक स्टडी के अनुसार किसी आदत को ग्रहण करने में हमें कठिनाई महसूस हो रही है तो इसे ' फ्रिक्शन ' कहते हैं । जो आदतें फ्रिक्शन फ्री होती हैं वो सुविधाजनक होती हैं और ज्यादा समय नहीं मांगती । 

Read More: मुरुद जंजीरा किला समुद्र के बीच बना कई सौ साल से पानी बना रहस्य

What to Do to Keep Your Resolve

पहले अपनी इच्छा को ठीक से परख लें 

तय करें कि क्या वाकई आप खास क्षेत्र में बदलाव करना चाहते हैं ? रिजॉल्यूशन वही चुनें जो आपके लिए मायने रखता है और उसे चुनने की कोई ठोस वजह है । जब कोई खास वजह आपके पास होती है तो अपने संकल्प को पूरा करने की इच्छा भी तीव्र हो जाती है । 

संकल्प के साथ पूरा समर्पण भी जरूरी है 

अगर आपका संकल्प है कि इस साल परिवार को ज्यादा समय देंगे तो हर महीने दो वीकेंड्स तय करें । तय करें कि साढ़े पांच बजे 2022 के बाद आप कंप्यूटर पर नहीं रहेंगे जिससे समय पर परिवार के पास पहुंच सकें । एडवांस में प्लान करने से अपने रिजॉल्यूशन पर फोकस करना आसान हो जाता है ।

Read More: खुशी का फार्मूला: सबसे खुशहाल देश फिनलैंड से सीखिए खुशी के 10 मंत्र 

संकल्प को पूरा करना ऐसे आसान बनाएं

जेम्स क्लियर ने अपनी किताब ' एटॉमिक हैबिट्स ' में लिखा है कि हमारी आदतें आकर्षक हों , आसान हों और संतुष्ट करने वाली हों । हमारी नई आदतें ऐसी होनी चाहिए कि हम कभी उनसे बचने की कोशिश ना करें बल्कि उनका आनंद लेना शुरू करें ।  

केवल एक या दो संकल्प ही चुनें 

रिजॉल्यूशन लेना चाहते हैं तो ध्यान रहे कि तुरंत ही फायदा नुकसान नजर नहीं आएगा । आप इन्हें ' एक्स्ट्रा ' मानते हैं । ' एक्स्ट्रा ' के लिए हमारे पास ज्यादा समय और ऊर्जा नहीं होती इसलिए एक या दो संकल्प ही चुनें । ज्यादा चुनेंगे तो भी फोकस एक या दो पर ही करेंगे । 

अपनी प्रोग्रेस को नियमित ट्रैक करें 

जीवन की आपाधापी में बहुत संभव है कि आप अपने लक्ष्य से भटक जाएं । इसलिए अपनी प्रोग्रेस लगातार ट्रैक करें । अपने संकल्प से जुड़े जो काम आपने दिनभर में किए हैं उनका रिकॉर्ड रखें । उन्हें अपने पेपर प्लानर में नोट करें , कैलेंडर में रखें । लिखने से आप फोकस्ड रहेंगे ।

क्या कुछ सीखा गया 

यह जाना कि जीवन में सबसे महत्वपूर्ण क्या हैबड़े बुजुर्ग कहते थे कि स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ी दौलत है । उनकी इस बात को अच्छी तरह समझा और खुद से वादा किया कि सकारात्मक सोच के साथ अपनी और परिवार की सेहत का ध्यान रखेंगे ।  

साथियों के साथ व्यक्तिगत रूप से जुड़ना सीखा: ऑफिस में अपने साथियों के साथ लगातार बात करने के महत्व को समझा । इससे रिश्ते काफी मजबूत हो जाते हैं । मुश्किल वक्त में यही रिश्ते काम आए । 

एक दूसरे के महत्व को समझा, तारीफ करना सीखा: यह जाना कि दुनियाभर की रणनीतियां मिलकर भी मानवीय रिश्तों का महत्व कम नहीं कर सकतीं । अपने सहकर्मियों के साथ सुख-दुख बांटना सीखा, उनकी .तकलीफ को अपने दुख-दर्द में शामिल किया ।

यह जाना कि खुद का ध्यान रखना कितना जरूरी है: ना  कहना भी जरूरी है फिर चाहे सामने वाले को बुरा लगे । लॉकडाउन के दौरान लोगों ने खुद के बारे में सोचना शुरू किया । अपनी प्राथमिकताओं को तय किया ।

Note-अब आपको तय करना है की किन आदतों और नए संकल्पों को एवं पुराना साल आपको क्या सीख देकर गया यह  निर्भर करता है करता है -

Read More:

Mexico का टिल्टेपक गाँव जो अंधों का गांव नाम से जाना जाता है,इंसान व् जानवर सब अंधे हैं

Cabbages & Condoms Restaurant : बैंकाक का अदभुत रेस्तरां

Maicro artist ramagiri swarika | रामगिरी स्वारिका

Thanks for Visiting Khabar's daily update for More Topics Click Here




Getting Info...

एक टिप्पणी भेजें

Cookie Consent
We serve cookies on this site to analyze traffic, remember your preferences, and optimize your experience.
Oops!
It seems there is something wrong with your internet connection. Please connect to the internet and start browsing again.
AdBlock Detected!
We have detected that you are using adblocking plugin in your browser.
The revenue we earn by the advertisements is used to manage this website, we request you to whitelist our website in your adblocking plugin.
Site is Blocked
Sorry! This site is not available in your country.