रोजमर्रा की नकारात्मकता कम करने का फ़ार्मूला

Power of positivity- रोजमर्रा की नकारात्मकता कम करने का फ़ार्मूला शीर्षक पढ़कर चौंकिए मत । हां , यह सच है कि जिंदगी में नकारात्मकता भी जरूरी है और

Power to Positive Thinking: शीर्षक पढ़कर चौंकिए मत। हां, यह सच है कि जिंदगी में नकारात्मकता भी जरूरी है और हमारा उद्देश्य इसे खत्म करना नहीं बल्कि कम करना होना चाहिए। सकारात्मकता की कीमत भी इस पर निर्भर करती है कि नकारात्मकता के खिलाफ आप किस तरह खड़े हैं। कभी-कभी निगेटिव भाव भी जरूरी और मददगार होते हैं जैसे किसी अपने की मौत के बाद नकारात्मक ख्याल आते ही हैं।

रोजमर्रा की नकारात्मकता कम करने का फ़ार्मूला , Formula to reduce everyday negativity

दुख मनाने, गमगीन होने के लिए ये निगेटिविटी ठीक है। अन्याय के खिलाफ इंसान निगेटिव हो जाता है। हमारा उद्देश्य होना चाहिए कि रोजमर्रा की बेवजह नकारात्मकता को कम करें। ये किसी तरह से मदद नहीं करती और जकड़े रखती है।

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दिनभर की नकारात्मकता से निपटने का एक वैज्ञानिक तरीका है, उस नकारात्मकता के साथ तर्क करना। जैसे एक वकील तथ्यों के साथ तर्क-वितर्क करता है। ठीक उसी तरह मान लीजिए आप समय प्रबंधन नहीं कर पा रहे, तो अपने प्रति निगेटिव होने के बजाय परिस्थितियों या घटनाओं को लिखकर नकारात्मकता को काउंटर करने की कोशिश करें। 

निगेटिव थिंकिंग नाम की किताब के लेखक मार्टी सेलिगमैन कहते हैं अपने नकारात्मक विचारों के साथ तर्क करके आप उन्हें सामने आने से नहीं रोकते, बल्कि सच्चाई से रूबरू कराके उन्हें अगली बार उबरने से रोकते हैं। नकारात्मकता के साथ तर्क करना कॉन्गनिटिव बिहेवियर थैरेपी का मुख्य हिस्सा है।

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Thought of the Day 

यदि आप खुद को कल्पना में अमीर होना नहीं देखते हैं तो आपको अपने बैंक बैलेंस में यह कभी नहीं दिखाई देगा।

महान लोगों ने अपनी सबसे बड़ी सफलता अपनी सबसे बड़ी विफलता से सिर्फ एक कदम आगे बढ़कर हासिल की है।- नेपोलियन हिल, विख्यात अमेरिकी लेखक 

आज का पॉजिटिव चैलेंज 

जहां मुमकिन हो, पैदल जाएं 

एक सर्वे के अनुसार पैदल चलने के मामले में भारतीय पीछे हैं। शहरी लोगों की स्थिति तो और भी खराब है। प्रतिदिन 4400 कदम चलकर हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। कोशिश करें कि जहां तक मुमकिन हो, पैदल जाएं। मोबाइल एप से कदमों का हिसाब रख सकते हैं।

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खुशी चाहते हैं तो अपने आप से झगड़ा खत्म कर दीजिए

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