शरीर की घडी के साथ कदमताल

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 शरीर की घडी के साथ कदमताल 

घड़ी से कदमताल  यदि आप चाहते हैं कि आपकी यह प्राकृतिक घड़ी दुरुस्त रहे तो आपको अपनी दिनचर्या की इन चीजों पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है

संसार के सभी जीवों में एक प्राकृतिक घड़ी या बायोलॉजिकल क्लॉक होती है जिसका हमारी दिनचर्या से सीधा सम्बंध होता है । इस घड़ी के साथ यदि कदम मिला लिए जाएं तो हमारी अस्त - व्यस्त दिनचर्या में बदलाव सम्भव है । 

रात होते ही उनींदा हो जाना और सुबह होते ही जाग्रत होना , सामान्य है । रोजाना हमें लगभग एक जैसे समय पर भूख लगती है और एक ऐसा निश्चित समय होता है जब हम ऊर्जा से भरपूर होते हैं , तो कभी काम करने का बिल्कुल मन नहीं होता । इन सबके लिए यह घड़ी जिम्मेदार होती है । 

आपने देखा होगा कि अलग - अलग शिफ्ट में काम करने वाले लोगों को अपनी दिनचर्या को अपने काम के अनुसार जमाना पड़ता है और कई बार दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है । 

घड़ी से कदमताल 

यदि आप चाहते हैं कि आपकी यह प्राकृतिक घड़ी दुरुस्त रहे तो आपको अपनी दिनचर्या की इन चीजों पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है

नींद में नियमितता 

आपकी नींद आपकी दिनचर्या और उम्र पर भी निर्भर करती है । अधिक उम्र में लोगों की नींद कम होती जाती है । बेसमय नींद को सुधारने का वही शाश्वत तरीका है कि रोज एक ही समय पर सोने जाएं और सुबह जिस समय का अलार्म सेट करें , उसे बिना टालें आप उठें । कुछ दिनों में यह आपकी आदत में शामिल हो जाएगा । 

नीली रोशनी से दूरी 

शाम के समय यदि आप एक घंटे तक स्क्रीन की नीली रोशनी में रहते हैं तो आपकी प्राकृतिक घड़ी फिर से शुरू हो सकती है । शरीर को लग सकता है कि सुबह का समय हुआ है । इसलिए फिर रात में नींद आने में दिक्कत आती है ।

घर से बाहर निकलें 

आजकल हम अधिकतर समय घर और दफ्तर के के भीतर ही गुजारते हैं । शरीर को प्राकृतिक रोशनी कम मिलती है तो उसे रात का आभास होता है और फिर रात में नींद नहीं आती । शरीर को बताना जरूरी है कि यह दिन का समय है , इसके लिए बंद जगहों से बाहर निकलते रहें और सूर्य की पर्याप्त रोशनी लें । 

एक समय पर स्थिर रहें 

नींद , व्यायाम , भोजन और अपने काम का एक समय निश्चित रखें । घंटे - दो घंटे घड़ी का समय ऊपर नीचे होने पर कदमताल में मुश्किल आ सकती है । शुरुआत में दिनचर्या बनाने में परेशानी हो सकती है , किंतु कुछ समय में यह आदत बन जाएगी ।

फायदे 

जब आपकी दिनचर्या दुरुस्त हो जाएगी तब आपको यह पता होगा कि आप किन घंटों में सबसे अधिक काम कर सकते हैं । साथ ही स्वास्थ्य सम्बंधी दिक्कतें भी कम होंगी ।

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