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घर के हर कोने की जरुरत के हिसाब से हो लाइटिंग | होम इंटीरियर

होम  इंटीरियर | घर के हर कोने की जरुरत के हिसाब से हो लाइटिंग | 

घर के हर कोने की जरुरत के हिसाब से हो लाइटिंग |  होम इंटीरियर
घर के हर कोने की जरुरत के हिसाब से हो लाइटिंग |  होम इंटीरियर

लाइटिंग न सिर्फ किसी भी स्पेस को रोशनी देने के लिए होती है , बल्कि इंटीरियर डिजाइनर में तो इसका प्रभाव इतना ज्यादा होता है कि इससे पूरे इंटीरियर का एम्बियंस , लुक और उस स्पेस का मूड ही बदल जाता है ।कीर्ति श्रीवास्तव इंटीरियर डिजाइनर से जानते हैं महत्वपूर्ण बिंदु -

इससे उस स्पेस की उपयोगिता पर 60 फीसदी से भी ज्यादा फर्क आ जाता है । यह वैज्ञानिक तथ्य है कि सुबह उठने के साथ ही अगर आपको अच्छी मात्रा में नेचुरल लाइट मिले तो उससे आपके मूड में जबरदस्त सकारात्मक असर होता है । 

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इसी तरह सूर्यास्त के बाद से सोने तक आप किस तरह की लाइटिंग में हैं , यह आपकी नींद की गुणवत्ता पर सीधा प्रभाव डालता है । 

इसलिए जानते हैं कि अच्छी लाइटिंग के लिए क्या करना जरूरी है । 

जनरल लाइटिंग 

बेडरूम , किचन , ड्राइंग रूम हो या फैमिली एरिया , हर रूम की लाइट की जरूरत अलग होती हैं । इसे ट्यूबलाइट के दौर की तरह सब जगह बराबर ना करें । 

जहां बैठकर आप पर पढ़ते हैं , किचन का कोई बारीक काम करते हैं ,वहां रोशनी ज्यादा और बाकी एरिया में कम रखें । जनरल लाइटिंग वह होती है जिससे ज्यादातर एरिया में रोशनी होती है , जैसे ट्यूबलाइट या फाल्स सीलिंग में लगने वाली एलईडी पैनल लाइट । 

जनरल लाइटिंग में भी आप लाइट के कलर चुन सकते हैं जैसे वार्म वाइट , कूल वाइट या फिर वाइट । इन कलर को भी हर जगह की उपयोगिता के हिसाब से चुनें । ज्यादातर होम इंटीरियर्स में आजकल वार्म वाइट और कूल वाइट का उपयोग हो रहा है , जो कलर स्कीम और फर्नीचर की कलर स्कीम पर निर्भर करता है । वाइट लाइटिंग कमर्शियल एरिया में ज्यादा उपयोग होती है ।

स्पेसिफिक या टास्क लाइटिंग

जनरल लाइटिंग के अलावा कुछ एरिया को आप इंटीरियर में लुक देने के लिहाज से या फिर उपयोगिता के आधार पर हाईलाइट कर सकते हैं । उसे स्पेसिफिक लाइटिंग कहा जाता है , जैसे स्टडी टेबल पर एक टेबल लैंप लगाना । 

उससे उस स्थान पर पढ़ने के लिए जनरल लाइटिंग के अलावा भी अधिक लाइट मिलेगी । इसी तरहं सीढ़ियों पर फुटलाइट लगाने से रात को सीढ़ियों का उपयोग करने पर आपको वह स्पष्ट दिखाई देंगी । छत . की जनरल लाइट ऑन नहीं करनी पड़ेगी । 

इससे काफी हद तक घर के दूसरे सदस्य डिस्टर्ब होने से बच सकेंगे । 

डेकोरेटिव लाइटिंग

डेकोरेटिव लाइट्स से किसी पेंटिंग , फोटो या वॉल आर्ट को हाईलाइट कर सकते हैं । इससे हर रूम में उसकी उपयोगिता के अनुसार मूड क्रिएट करने के लिए लाइटिंग की जा सकती है । 

अगर आप किसी खाली दीवार पर आर्ट पीस की तरह दिखने वाली सजावटी लाइट लगाएं तो वह पूरे रूम के एम्बियंस पर प्रभाव डाल सकती है । 

डेकोरेटिव लाइटिंग में ब्राइट कलर्स के इस्तेमाल से परहेज न करें । उदाहरण के लिए अगर कोई रूम क्रीम कलर स्कीम में है और आप उसके किसी कॉर्नर पर ऑरेंज कलर का हैंगिंग लैंप लगा दें तो यह बेहतरीन लुक दे सकता है । 

इसी तरह खुले एंट्रेंस एरिया में हैंगिंग लैंप्स का प्रयोग किया जा.सकता है ।

कीर्ति श्रीवास्तव इंटीरियर डिजाइनर 

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