पॉजिटिव खबर: मैंमूना नरगिस महिलाओं की शिक्षा और रोजगार के लिए काम कर रही हैं

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मैंमूना नरगिस कि Inspiring motivational story.


आज हम आपके लिए एक और Motivational and Impressional Story लेकर आये है जो कि मैंमूना नरगिस की ही जो जयपुर की रहने वाली है. तो आइये जानते है  मैंमूना नरगिस कि Inspiring motivational story. 

मैंमूना एक वेबसाइट बनवा रही हैं जिस पर घरेलू महिलाएं अपने बनाए उत्पादों को बेच सकती हैं ... ताकि हर लड़की को शिक्षा व हुनरमंद कॊ मिले काम. वह मुस्लिम लड़कियों की शादी के लिए पिछले पांच वर्षों से एक watsaap group चला रही है. इसकी मदद से सेंकड़ों लड़कियों की दहेज के बिना शादियाँ हो चुकी है. 

जयपुर की मैंमूना नरगिस पेशे से आर्ट कंजर्वेटर हैं , लेकिन पिछले 10 वर्षों से महिलाओं की शिक्षा और रोजगार के लिए काम कर रही हैं । नरगिस का कहना है कि महिलाओं को शिक्षित करना जितना जरूरी है , उतना ही जरूरी है , उन्हें रोजगार दिलाना है । 

अगर महिलाओं के पास रोजगार है तो वे आर्थिक रूप से सक्षम हैं । अपने व परिवार के लिए फैसले भी ले सकती हैं । मैंमूना का कहना है कि अधिकतर महिलाएं हुनरमंद है । उन्हें थोडी तकनीक और बाजार की जानकारी दी जाए तो वे आय बढ़ा सकती हैं ।

मैं मूना नरगिस जयपुर के उन स्कूलों में जाकर लड़कियों को प्रेरित करती हैं , जहां से 10-12वीं की पढ़ाई के बाद अधिकतर लड़कियों को पढ़ने का मौका नहीं मिलता है । वह वहां लड़कियों से बात करती हैं , उन्हें शिक्षा का महत्त्व समझाती हैं । अगर कोई लड़की आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई नहीं कर पाती तो उसे आर्थिक मदद दिलवाती हैं । जरूरत पड़ने पर उनके पेरेंट्स से भी बात करती हैं ।

 महिला घर बैठे कर सकें अच्छी कमाई ... 

मैंमूना सैकड़ों लड़कियों - महिलाओं को रोजगार दिलवा चुकी हैं । इनका कहना है कि घर से काम करने वाली महिलाओं को सही मजदूरी नहीं मिलती है । ज्यादा पैसा बिचौलिए रख लेते हैं । इसलिए वह एक वेबसाइट बनवा रही हैं , जहां घर से काम करने वाली महिलाएं अपने प्रोडक्ट्स बेच सकती हैं । उसका मुनाफा भी उन्हीं महिलाओं को दिया जाएगा । 

साथ ही ऐसी महिलाओं को विशेष ट्रेनिंग आदि भी दिलाने की व्यवस्था कर रही हैं । करीब 500 महिलाओं को भी जोड़ने का काम शुरू . हो चुका है । मैंमूना का कहना है कि यह पहल इसलिए शुरू की जा रही है ताकि महिलाएं घर बैठे कमाई कर सकें ।

मैंमूना ये सभी काम बिना किसी एनजीओ के कर रही हैं । वह आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी ही कॉलोनी की किसी गरीब लड़की को शिक्षा के लिए गोद लेने के लिए प्रेरित करती हैं । वह संबंधित व्यक्ति को लड़की की फीस खुद ही स्कूल में जाकर चुकाने की सलाह देती हैं । आर्थिक तंगी के कारण स्कूल छोड़ चुकीं सैकड़ों बच्चियों को दोबारा से स्कूल भेजने में मदद कर चुकी हैं । 

उनका कहना है कि कोरोना के बाद बहुत - से परिवारों की स्थिति खराब हुई है । ऐसे परिवारों ने लड़कों की पढ़ाई तो जैसे - तैसे जारी रखी हैं , लेकिन लड़कियों की पढ़ाई बंद करवा दी है । वे लड़कियां पढ़ना चाहती हैं । इसलिए वह हर व्यक्ति से एक लड़की को शिक्षा के लिए गोद लेने की अपील करती हैं ।

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