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Power of Positivity:विचारों पर नियंत्रण ही हमारे चरित्र को स्वरूप देता है

पावर ऑफ पॉजिटिविटी -विचारों पर नियंत्रण ही हमारे चरित्र को स्वरूप देता है कई शोध - अध्ययनों का निष्कर्ष है कि Thoughts ही पदार्थ हैं । विचार ही जीवन

Power of Positivity: Control of thoughts gives shape to our character

पावर ऑफ पॉजिटिविटी -विचारों पर नियंत्रण ही हमारे चरित्र को स्वरूप देता है 

कई शोध - अध्ययनों का निष्कर्ष है कि Thoughts ही पदार्थ हैं । विचार ही जीवन का अंग बनकर चरित्र को विशेष स्वरूप प्रदान करते हैं और चरित्र ही हमारी आदतों पर , इच्छाशक्ति पर नियंत्रण रखता है । 

चरित्र के मुताबिक ही हमारे काम होते हैं । विचारों में डर , शंका या फिर विश्वास , जो भी मौजूद होगा । हमारा चरित्र भी उसी प्रकार से आकार लेना शुरू कर देगा । 

अमेरिकन प्रोफेसर डॉ . बारबरा फ्रेड्रिक्सन ने सालों तक सकारात्मकता पर शोध किया । वह लिखती हैं कि विचारों पर नियंत्रण न हो या उनका प्रवाह Negativity की ओर हो , तो एक समय के बाद इसके दुष्प्रभाव न सिर्फ आपके जीवन , कामकाज बल्कि स्वास्थ्य में भी नजर आने लगते हैं ।  

मशहूर लेखक विद्वान स्टेट मॉर्डेन कहा करते थे आशा और निराशा के दो रूप हैं । और इनमें से एक तीसरा रूप निकलता है- वह है अभिलाषा का । Hope और Desire किसी वस्तु का आकृति को गीली मिट्टी में तैयार करके उसे सांचे में ढाल देती है । 

और कर्म जीवन में उसे सफेद पत्थर जैसा साकार , पक्का बनाकर प्रकट कर देता है । हमारा विश्वास वह उम्मीद और आशा है । 

दुनिया में ऐसी कोई खुशी नहीं जिसके लिए आपकी आत्मा बेचैन हो और वह आपको न मिले । लेकिन मनचाही खुशी तभी मिलेगी , जब आप खुद को उसके लिए योग्य बनाएंगे । इसलिए अपने विचारों पर नियंत्रण रखना जरूरी है । 

अविश्वास हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है । कोरी कल्पना से कुछ नहीं होने वाला । कल्पना , आशा , विश्वास और परिश्रम मिलकर ही सफलता का दरवाजा खोलते हैं ।

Thought of the day 

खुशी एक रहस्यमय चीज है जो बहुत कम और बहुत अधिक के बीच पाई जाती है ।

 हंसने और दया करने में सक्षम होना ही है , जो मनुष्य को पशुओं से बेहतर बनाता है । - रस्किन बॉन्ड 

आज का पॉजिटिव चैलेंज

 बचपन में पढ़ी कहानी दोबारा पढ़ें 

बचपन में पढ़ी कोई पसंदीदा कहानी , कविता या किसी किताब का चर्चित अंश याद करके उसे दोबारा पढ़ें । अपने जीवनसाथी या मित्र से भी ऐसा करने के लिए कहें । इसके बाद उस हिस्से को उन्हें सुनाएं और उस पर चर्चा करें । 

इस तरह पुराना कुछ पढ़ने और उसके बारे में चर्चा करने से आपका एक व्यक्तिगत रिश्ता कायम होगा । इस पर बात करने से एक - दूसरे के साथ रिश्ते में भी निकटता आएगी ।

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