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एक्सरसाइज़ करते हुए म्यूजिक सुनने से दूर होती है मानसिक थकान

Mental Fatigue: एक्सरसाइज़ करते हुए म्यूजिक सुनने से दूर होती है मानसिक थकान शोधकर्ताओं ने कहा,मेंटली एक्टिव रहने के साथ परफॉर्मेंस भी होती है बेहतर 

मनोवैज्ञानिक थकान की स्थिति में क्या होता है,थकान क्यों होती है
एक्सरसाइज़ करते हुए म्यूजिक सुनने से दूर होती है मानसिक थकान

 चाहे रॉक म्यूजिक हो या पॉप बीट , वर्कआउट करते समय हम सभी का अपना फेवरेट म्यूजिक ऑन ही रहता है । इससे शारीरिक थकान का तो इतना पता नहीं चलता लेकिन एक हालिया अध्ययन की मानें तो एक्सरसाइज करते समय म्यूजिक सुनना न सिर्फ आपकी परफॉर्मेंस बेहतर बनाता है बल्कि मानसिक थकान का मुकाबला करने में भी मददगार हो सकता है । 

एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस शोध में पता लगाया कि दौड़ते समय यानी रनिंग के दौरान संगीत सुनना मेंटली एक्टिव रखता है । शोधकर्ताओं ने शोध में पाया कि मानसिक रूप से मुश्किल थका देने वाला काम करने के बाद पसंदीदा प्ले लिस्ट सुनने वाले धावकों की परफॉर्मेंस बिल्कुल उसी स्तर की थी जैसे उस वक्त जब वे मानसिक रूप से थके हुए नहीं हो ।

संगीत सुनने का रनिंग पर क्या प्रभाव पड़ता है , यह जानने के लिए शोधकर्ताओं ने दो टेस्ट किए । पहले में अंतराल में रनिंग करते हुए म्यूजिक सुनने का प्रभाव जांचा गया जिसमें हाई इंटेंसिटी रनिंग ( उच्च तीव्रता की दौड़ ) और लो इंटेस्टिगी जॉगिंग शामिल थी । 

वहीं दूसरे टेस्ट में पांच किमी के ट्रायल को शामिल किया गया था । सभी प्रतिभागियों ने कंप्यूटर पर आधारित 30 मिनट का संज्ञानात्मक परीक्षण भी पूरा किया जिसने उन्हें हाई इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज शुरू होने से पहले ही मानसिक रूप से थका दिया । 

इस टेस्ट में प्रतिभागियों को संगीत की लय , शैली , माधुर्य , गति , ध्वनि और ताल का मूल्यांकन करने को कहा गया । इसके बाद उनका उनके चुने हुए म्यूजिक के साथ और उसके बिना परीक्षण किया गया । इस टेस्ट की फिर बिना म्यूजिक और संज्ञानात्मक परीक्षण के लिए गए बेसलाइन टेस्ट से तुलना की गई । 

शोधकर्ताओं ने पाया कि मानसिक रूप से थके होने पर अंतराल में रनिंग करते वक्त प्रतिभागियों की क्षमता बिना संगीत सुने रनिंग करने से थोड़ी बेहतर थी । यह क्षमता बिल्कुल वैसी ही थी जैसे प्रतिभागियों के मानसिक रूप से थके न होने के वक्त थी । 

उसी तरह पांच किमी के टाइम ट्रायल के दौरान भी अपना म्यूजिक सुनते समय प्रतिभागियों में काफी बदलाव देखा गया । एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के मोरे हाउस स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स के डॉ . शॉन फिलिप्स कहते हैं , हमारे अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि अपना पसंदीदा मोटिवेशनल संगीत सुनना लोगों की परफॉर्मेंस बेहतर करता है , 

खासतौर से तब जब वे मानसिक रूप से थके हुए हों । हालांकि , शोध में सिर्फ 18 लोग ही शामिल थे , इसलिए यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि वे इस पर और रिसर्च करेंगे । शोध के नतीजे जर्नल ऑफ ह्यूमन स्पोर्ट एंड एक्सरसाइज में प्रकाशित हुए थे ।

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