Type Here to Get Search Results !

indra nooyi आगे बढ़ना है ,तो जीवनभर छात्र बने रहें | इंदिरा नूयी motivatonal speeck in hindi

 Indra Nooyi Motivatonal Speeck in Hindi : इंदिरा नूयी,आगे बढ़ना है , तो जीवनभर छात्र बने रहें। अगर आप अपने ज्ञान से खुश हैं , तो कुछ न कुछ कमी है । जो भी काम करें , खुद को उसमें झोंक दें । - इंदिरा नूयी , पूर्व चेयरपर्सन पेप्सिको।

Indra Nooyi Motivatonal Speeck in Hindi : इंदिरा नूयी,आगे बढ़ना है , तो जीवनभर छात्र बने रहें। अगर आप अपने ज्ञान से खुश हैं , तो कुछ न कुछ कमी है । जो भी काम करें , खुद को उसमें झोंक दें । - इंदिरा नूयी , पूर्व चेयरपर्सन पेप्सिको।

'Indra Nooyi' If you want to move forward, then remain a student for life.

"इंदिरा नूयी", जब मैंने 1994 में पेप्सिको कंपनी जॉइन की , तब बड़ी बेटी 8 साल की थी और छोटी नौ महीने की । साल 1994 से 2000 के बीच कंपनी में बड़े स्तर पर बदलाव हो रहे थे । मैं चौबीसों घंटे काम कर रही थी । मैंने तय किया कि शाम को 5 बजे के बाद बच्चे दफ्तर में मेरे साथ वक्त बिताएंगे । अगर मैं घर जाकर बच्चों की देखभाल नहीं कर सकती थी , तो दफ्तर ही उनके वक्त बिताने की जगह होती थी । 

अगर कंपनी वाकई चाहती थी कि मैं उसके साथ जुड़ी रहूं , तो उन्हें ये कीमत चुकानी पड़ेगी । अगर आप अपनी जगह बनाते हैं , अपनी योग्यता के आधार पर अपनी उपयोगिता साबित करते हैं , तो माहौल को आपके हिसाब से बदलना होता है ।


यह भी पढ़ें -

Jay Shetty motivational speech in hindi

Deepak Chopra motivational speech in hindi


पेप्सिको में मैंने सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देने की कोशिश की । अधिकारियों से कहा , बाहर जाएं , अनुभवों से सीखें । हमें ताउम्र छात्र बने रहना चाहिए । जब हम बच्चे थे , तब ढेर सारे सवाल पूछते थे कि आसमान नीला क्यों है , पंछी कैसे इतना ऊंचा उड़ते हैं । पर कुछ कारणों से जैसे - जैसे हम बड़े होते जाते हैं , वो उत्सुकता कहीं खो जाती है । 

अगर आप अपने ज्ञान से खुश हैं , तो कुछ न कुछ कमी है । उत्साह में कमी नहीं आने दें । जो भी काम करें , खुद को उसमें झोंक दें । मैंने कभी भी नौकरी . को काम की तरह नहीं बल्कि जुनून की तरह देखा । काम के घंटों के बारे में कभी परवाह नहीं की । काम में उत्तरोत्तर आगे बढ़ना बेहद जरूरी है । आप हर मुद्दे या परेशानी पर एक नई किताब नहीं लिख सकते । 

आपको ऐसे लोग खोजने होंगे , जो उस समस्या से जूझे हैं और बाहर निकले हैं । दूसरों के अनुभवों से सीखना बहुत जरूरी है । नियमों में कैद होने से भी बचना चाहिए । हम जितना नियमों से हटकर काम करेंगे , नियमों में नहीं बंधेगे , बोल्ड निर्णय लेंगे , उतने बेहतर होते जाएंगे ।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Hollywood Movies