Type Here to Get Search Results !

Motivational speech - सफल समाज परिवार व समुदाय दोनों के प्रति वफादार होते हैं

 प्रेरक भाषण अनंत ऊर्जा :पश्चिम और हमारे बीच पहला अंतर यह है कि वहां के लोगों का सामाजिक रुझान काफी बेहतर है । वे हमसे ज्यादा समाज की परवाह करते हैं । एन आर नारायण मूर्ति , इंफोसिस के संस्थापक 

Motivational speech in hindi, motivation speech about life in hindi, thoughts in hindi, एन आर नारायण मूर्ति , इंफोसिस के संस्थापक


सफल समाज परिवार व समुदाय दोनों के प्रति वफादार होते हैं

कम्युनिटी यानी समुदाय शब्द दो लैटिन शब्दों कॉम ( एक साथ या साथ ) और यूनस ( एक ) से मिलकर बना है । ऐसे में एक समुदाय , एक और कई दोनों हैं । जैसा कि वेदों में कहा गया है । 

यह भी देखें - Motivational speech: गुस्सा करिए , लेकिन कड़वाहट मत लाइए

मनुष्य अकेला रूप से रह सकता है , लेकिन सामूहिक रूप से ही जीवित रह सकता है । इसलिए , चुनौती व्यक्ति और समाज के हितों को संतुलित करके एक प्रगतिशील समुदाय बनाने की है । 

इसे पूरा करने के लिए , हमें एक वैल्यू सिस्टम विकसित करने की आवश्यकता है जहां सबकी भलाई के लिए कुछ व्यक्तिगत त्याग स्वीकार किए जा सकें । वैल्यू सिस्टम क्या है ? यह व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले व्यवहार के लिए एक प्रोटोकॉल है जो समुदाय के लोगों के बीच विश्वास , आत्मविश्वास और प्रतिबद्धता को बढ़ाता है । 

यह भी देखें - motivational speech | लक्ष्य तय करके आप अपना आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं

यह वैध - अवैध की सीमा से परे है । इसके अलावा , इसमें सामुदायिक हितों को अपने से आगे रखना शामिल है । इस प्रकार , हमारा सामूहिक अस्तित्व और प्रगति उच्च मूल्यों पर आधारित है । सांस्कृतिक मूल्य प्रणाली के दो स्तंभ हैं- परिवार के प्रति वफादारी और समुदाय के प्रति वफादारी । 

एक को दूसरे से अलग नहीं होना चाहिए , क्योंकि सफल समाज वे होते हैं जो दोनों को सामंजस्यपूर्ण रूप से जोड़ते हैं । इसी संदर्भ में मैं समकालीन भारतीय समाज में पश्चिमी मूल्यों की भूमिका पर चर्चा करूंगा । यहां आप में से कुछ लोग कह सकते हैं कि मैं जिस चीज की चर्चा करने जा रहा हूं , वह वास्तव में पुराने जमाने के भारतीय मूल्य हैं , न कि पश्चिमी मूल्य । 

मैं वर्तमान में रहता हूं , बीते युग में नहीं । इसलिए , मैंने इन मूल्यों को मुख्य रूप से पश्चिम में अभ्यास करते देखा है न कि भारत में । जब तक हम इन मूल्यों का अभ्यास करते हैं , मुझे खुशी होती है - चाहे हम इसे पश्चिमी या पुराने भारतीय मूल्य कहें । 

यह भी देखें - असफलता की आदत डाले,सफलता की ख़ुशी बढ़ जाएगी

मुझे एक ऐसी संस्कृति का हिस्सा होने पर गर्व है , जिसकी गहरी जड़ें पारिवारिक हैं । परिवार के प्रति हमारी जबरदस्त निष्ठा है । उदाहरण के लिए , माता - पिता अपने बच्चों के लिए बहुत बड़ा त्याग करते हैं । वे उनका समर्थन तब तक करते हैं जब तक वे अपने पैरों पर खड़े नहीं हो जाते । दूसरी ओर , बच्चे वृद्ध माता - पिता की देखभाल करना अपना कर्तव्य समझते हैं । 

हम मानते हैं- माता ईश्वर है , और पिता ईश्वर है । इसके अलावा , भाई और बहन एक दूसरे के लिए त्याग करते हैं । वास्तव में सबसे बड़े भाई या बहन का अन्य सभी भाई - बहनों द्वारा सम्मान किया जाता है । संयुक्त परिवारों में पूरा परिवार , परिवार के कल्याण के लिए कार्य करता है । हमारे पारिवारिक जीवन में कितना प्यार और स्नेह है । 

यह भारतीय मूल्यों का सार है और हमारी प्रमुख शक्तियों में से एक है । हमारे परिवार हमारे लिए एक महत्वपूर्ण सहायता तंत्र के रूप में कार्य करते हैं । दुर्भाग्य से पारिवारिक जीवन के प्रति हमारा दृष्टिकोण सामुदायिक व्यवहार के प्रति हमारे दृष्टिकोण में परिलक्षित नहीं होता है । 

पश्चिम में- अमेरिका , कनाडा , यूरोप , ऑस्ट्रेलिया , न्यूजीलैंड आदि में लोग मानते हैं कि उन्हें अपने समुदाय के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए । पश्चिम और हमारे बीच पहला अंतर यह है कि वहां के लोगों का सामाजिक रुझान काफी बेहतर है । वे हमसे ज्यादा समाज की परवाह करते हैं । इसके अलावा , वे आमतौर पर हमसे ज्यादा समाज के लिए त्याग करते हैं ।

 इससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है । यहीं पर हमें पश्चिम से सीखने की जरूरत है । - 2016 में लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में दिया भाषण

Thanks for visiting Khabar daily update. For more मोटिवेशनस्टोरी, click here.

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Hollywood Movies